Shree Cement Share: लागतें बढ़ीं, जून तिमाही में प्रॉफिट 29% लुढ़का, शेयर पर दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shree Cement Share: लागतें बढ़ीं, जून तिमाही में प्रॉफिट 29% लुढ़का, शेयर पर दबाव

Shree Cement ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसके तहत कंपनी का नेट प्रॉफिट **29.2%** घटकर **₹438 करोड़** रह गया है। ईंधन और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी की कमाई पर भारी असर डाला है। हालांकि, बिक्री वॉल्यूम में **17%** की बढ़ोतरी देखी गई है, जो बाजार की मजबूत मांग को दर्शाता है। नतीजों के बाद शेयर में **1.23%** की गिरावट आई है।

मुनाफे में भारी गिरावट का कारण?

शुक्रवार को जारी किए गए नतीजों के अनुसार, Shree Cement का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 29.2% गिरकर ₹438 करोड़ रहा। यह विश्लेषकों के अनुमान (₹499 करोड़) से भी कम है। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में 13.6% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,622.7 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन बढ़ती इनपुट लागतों के कारण प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हुई।

मार्जिन पर कमोडिटी कीमतों का असर

कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट या EBITDA पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 12.6% घटकर ₹1,074.4 करोड़ हो गया। निवेशकों के लिए चिंता का विषय EBITDA मार्जिन में तेज गिरावट है, जो पिछले साल के 24.8% से घटकर 19.1% रह गया। मैनेजमेंट का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ईंधन और कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी मुख्य वजह है, जिससे ग्लोबल कमोडिटी की कीमतें बढ़ गई हैं। यह मार्जिन पर दबाव आने वाले समय में भी निवेशकों के लिए ट्रैक करने लायक अहम फैक्टर रहेगा।

वॉल्यूम ग्रोथ और विस्तार रणनीति

ऑपरेशनल मोर्चे पर, कंपनी ने मजबूत मांग के संकेत दिए हैं। सीमेंट बिक्री की मात्रा में 17% का इजाफा हुआ और यह 10.23 मिलियन टन तक पहुंच गई। प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर कंपनी का फोकस भी रंग ला रहा है, जो अब कुल ट्रेड वॉल्यूम का 23.3% हिस्सा हैं, जबकि पिछले साल यह 17.7% था। इसके अलावा, कंपनी के रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) सेगमेंट में 156% की भारी उछाल देखी गई, जो 2.36 लाख क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया। यह बढ़ोतरी आठ नए प्लांट्स के जुड़ने के बाद हुई है।

लंबी अवधि का नजरिया और महत्वपूर्ण बिंदु

Shree Cement अपनी क्षमता विस्तार योजनाओं पर आगे बढ़ रही है। मेघालय में एक नए इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट का निर्माण तय समय पर चल रहा है और इसे मार्च 2028 तिमाही तक चालू करने का लक्ष्य है। कंपनी अपने थर्मल सब्स्टिट्यूशन रेट (TSR) को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है, जो इस तिमाही में 5.1% रहा। इसका उद्देश्य वैकल्पिक ईंधन के उपयोग से ऊर्जा लागत को प्रबंधित करना है। शुक्रवार दोपहर के कारोबार में कंपनी के शेयर 1.23% गिरकर ₹26,130 पर कारोबार कर रहे थे। पिछले एक साल में शेयर में 15% से ज्यादा की गिरावट आई है।

निवेशक आगे चलकर कंपनी की आक्रामक वॉल्यूम ग्रोथ और ग्लोबल फ्यूल लागतों से मार्जिन पर पड़ रहे दबाव के बीच संतुलन को ट्रैक कर सकते हैं। लागत-बचत के उपायों की प्रभावशीलता और विस्तार परियोजनाओं का समय पर निष्पादन भविष्य की तिमाही रिपोर्टों में देखने लायक मुख्य क्षेत्र होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.