Shoppers Stop Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए ₹16 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज ₹2 करोड़ के प्रॉफिट (Profit) के बिल्कुल विपरीत है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल के मुकाबले 13.7% बढ़कर ₹1,209.8 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा, EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 8.5% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹184.3 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा कम होकर 15.2% पर आ गया, जो पिछले साल 16% था।
इन नतीजों के बाद, 5 मई, 2026 को Shoppers Stop के शेयर BSE पर 1.60% गिरकर ₹295.15 पर बंद हुए। बाजार में इस बात की चिंता देखी गई कि रेवेन्यू और EBITDA में ग्रोथ के बावजूद कंपनी नेट लॉस में चली गई। ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) सामान्य रहा, जिसमें 0.38 लाख शेयर ₹1.12 करोड़ में ट्रेड हुए।
मार्केट का माहौल और कंपनी की रणनीति
भारतीय रिटेल सेक्टर, खासकर अपैरल (Apparel) सेगमेंट, तेजी से बढ़ रहा है और इसके 2034 तक $117 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। Shoppers Stop ने इस दौरान अपने डिपार्टमेंट स्टोर्स में 4.7% की सेल्स ग्रोथ (Like-for-Like Sales Growth) दर्ज की, जो पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा है। कंपनी प्रीमियम ब्रांड्स (Premium Brands) पर ज्यादा फोकस कर रही है, जिनसे 71% सेल्स आती है। Q4 FY26 में प्रीमियम ब्रांड्स की सेल्स में 13% की ग्रोथ दिखी। साथ ही, ब्यूटी सेगमेंट (Beauty Segment) की सेल्स 17% बढ़कर ₹309 करोड़ पर पहुंच गई।
कड़ी टक्कर और वैल्यूएशन
हालांकि, Shoppers Stop को Reliance Retail (जिसका Q4 FY26 रेवेन्यू ₹87,344 करोड़ था) और Trent (जिसका Q4 FY26 रेवेन्यू ₹5,055.90 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹413.10 करोड़ था) जैसी बड़ी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। Trent का Zudio ब्रांड वैल्यू सेगमेंट में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी का पिछले बारह महीनों का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) -186.28 के करीब है, जो मौजूदा समय में इसकी लाभप्रदता पर सवाल खड़े करता है। वहीं, फॉरवर्ड P/E 385.87 है, जो भविष्य में ग्रोथ की उम्मीदें दिखाता है। पिछले एक साल में शेयर में लगभग 39% की गिरावट आई है।
चुनौतियाँ और एनालिस्ट्स की राय
नेट लॉस ने कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और कॉस्ट कंट्रोल (Cost Control) पर सवाल खड़े किए हैं। कमजोर कंज्यूमर सेंटिमेंट (Consumer Sentiment) और महंगाई के दौर में लोगों का डिस्क्रिशनरी खर्च (Discretionary Spending) कम हो रहा है। एनालिस्ट्स (Analysts) की राय बंटी हुई है। कुछ 'Buy' रेटिंग और अच्छे अपसाइड की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं अन्य 'Sell' की सलाह दे रहे हैं क्योंकि सेल्स ग्रोथ को लगातार प्रॉफिट में बदलना एक चुनौती है। कंपनी का लक्ष्य FY27 तक डेट-फ्री (Debt-free) बनना है, जिसके लिए भविष्य के कैश फ्लो और फंडिंग पर निर्भर रहना होगा।
आगे का आउटलुक
Shoppers Stop मैनेजमेंट (Management) का कहना है कि वे प्रीमियम ब्रांड्स, ब्यूटी और वैल्यू फैशन सेगमेंट में लगातार ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। एनालिस्ट्स ने ₹309 से लेकर ₹538.65 तक के टारगेट प्राइस दिए हैं, जिनका औसत ₹401.44 है, जो 35% से ज्यादा के अपसाइड का संकेत देता है। कंपनी भारत में बढ़ती अमीरी और बदलती कंज्यूमर चाहतों को पूरा करने के लिए Experiential Retail और Digital Personalization पर फोकस कर रही है।
