Shoppers Stop के शेयरों में आज **5.4%** की बड़ी गिरावट देखी गई और यह **₹363.15** पर बंद हुआ। कंपनी की सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ पिछले तिमाही के **6%** से घटकर महज **2%** रह गई है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया है।
सेल्स ग्रोथ पर दबाव
निवेशकों की मुख्य चिंता कंपनी की सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ है, जो एक साल पहले की 9.4% और पिछली तिमाही की 6% की तुलना में घटकर अब 2% पर आ गई है। बाजार इसे कंज्यूमर डिमांड में कमी के संकेत के तौर पर देख रहा है। हालांकि, मैनेजमेंट का तर्क है कि फेस्टिवल कैलेंडर में बदलाव के कारण मुख्य खरीदारी का समय इस तिमाही से बाहर हो गया। यदि इस बदलाव को एडजस्ट करें, तो कंपनी के मुताबिक सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ 7% रही होती।
मुनाफे में सुधार और रेवेन्यू की स्थिति
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने राहत की सांस ली है। Shoppers Stop ने इस तिमाही ₹3.11 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹20.11 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी का कुल रेवेन्यू भी 8.7% बढ़कर ₹1,370 करोड़ तक पहुंच गया है।
प्रीमियम सेगमेंट पर जोर
कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी का फोकस प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर है, जो कुल सेल्स का 73% हिस्सा बन चुके हैं। हालिया तिमाही में प्रीमियम सेगमेंट में 10% की ग्रोथ देखी गई है। यह कदम मार्जिन बचाने की कोशिश के तहत उठाया गया है, क्योंकि रिटेल सेक्टर में फिलहाल काफी दबाव बना हुआ है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या तीसरी तिमाही में त्यौहारों के दौरान सेल्स में रिकवरी देखने को मिलती है या नहीं। बदलते रिटेल माहौल और क्विक-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव के बीच, प्रीमियम कैटेगरी की डिमांड कंपनी के लिए आगे चलकर एक बड़ा 'की-मॉनिटरिंग' फैक्टर बनी रहेगी।
