चौंकाने वाला D2C टर्नअराउंड? द सोल्ड स्टोर का प्रॉफिट 38% गिरा, रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद!

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AuthorMehul Desai|Published at:
चौंकाने वाला D2C टर्नअराउंड? द सोल्ड स्टोर का प्रॉफिट 38% गिरा, रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद!
Overview

D2C फैशन ब्रांड 'द सोल्ड स्टोर' ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) के लिए शुद्ध लाभ (net profit) में 38% की गिरावट दर्ज की है, जो ₹11 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024 (FY24) में यह ₹17.7 करोड़ था। यह गिरावट पिछले वित्त वर्ष में दर्ज किए गए एक महत्वपूर्ण टैक्स क्रेडिट के इस वर्ष न होने के कारण बताई गई है। लाभ में कमी के बावजूद, कंपनी ने FY25 में ₹492.4 करोड़ का मजबूत राजस्व (revenue) हासिल किया, जो FY24 के ₹360.2 करोड़ से 37% अधिक है। कुल खर्चों में 36% की वृद्धि हुई।

डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) फैशन ब्रांड 'द सोल्ड स्टोर' ने अपने वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) के मिश्रित वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का शुद्ध लाभ (net profit) FY25 में ₹11 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹17.7 करोड़ की तुलना में 38% कम है। इस लाभ में कमी का मुख्य कारण पिछले वित्तीय वर्ष में मिले एक बड़े टैक्स क्रेडिट का इस वर्ष न मिलना है। FY25 में कंपनी को ₹1.8 करोड़ का टैक्स भुगतान करना पड़ा, जबकि FY24 में उसे ₹7.6 करोड़ का टैक्स क्रेडिट मिला था। हालाँकि, कंपनी के परिचालन राजस्व (operating revenue) में 37% की मजबूत वृद्धि देखी गई, जो FY25 में ₹492.4 करोड़ हो गया, जबकि FY24 में यह ₹360.2 करोड़ था। अन्य आय (other income) को मिलाकर कुल आय (total income) ₹500.1 करोड़ तक पहुँच गई। कर-पूर्व लाभ (Profit Before Tax - PBT) में 26% की वृद्धि हुई और यह ₹12.8 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि FY24 में यह ₹10.1 करोड़ था। कंपनी के कुल खर्च (total expenses) 36% बढ़कर ₹487.5 करोड़ हो गए। कर्मचारी लाभ व्यय (employee benefit expenses) में 38.3% की वृद्धि (₹54 करोड़), विज्ञापन और प्रचार व्यय (advertising and promotional expenses) में 8% की वृद्धि (₹57 करोड़), और परिवहन लागत (transportation costs) में ₹28.1 करोड़ की वृद्धि प्रमुख रही। 2013 में स्थापित 'द सोल्ड स्टोर' कैजुअल वियर, बैकपैक और जूते जैसे उत्पाद बेचता है और इसके पास 200 से अधिक लाइसेंस हैं। कंपनी भारत भर में 40 से अधिक ऑफलाइन स्टोर भी संचालित करती है और इसने हाल ही में पॉप-कल्चर मर्चेंडाइज बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए 'रेडवुल्फ' ब्रांड का अधिग्रहण किया है। इस खबर का भारतीय शेयर बाजार पर मध्यम प्रभाव पड़ेगा, विशेष रूप से उपभोक्ता विवेकाधीन (consumer discretionary) और खुदरा (retail) क्षेत्रों पर। राजस्व वृद्धि सकारात्मक है, लेकिन लाभ में आई कमी स्थायी लाभप्रदता पर सवाल उठा सकती है। कंपनी की विस्तार योजनाएं और ब्रांड पोर्टफोलियो भविष्य के मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। प्रभाव रेटिंग: 6/10।

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