जापानी ब्यूटी दिग्गज Shiseido अब भारत में अपने कारोबार को पूरी तरह से बदलने जा रही है। कंपनी प्रीमियम और लोकलाइज्ड प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है, साथ ही इंपोर्ट ड्यूटी से बचने के लिए भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने पर विचार कर रही है।
प्रीमियम सेगमेंट पर कंपनी की नजर
Shiseido की एशिया पैसिफिक प्रेसिडेंट और CEO निकोल टैन के नेतृत्व में कंपनी अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। अब तक ब्यूटी मार्केट में 'फेयरनेस' आधारित प्रोडक्ट्स का बोलबाला रहा है, लेकिन अब कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं की विभिन्न स्किन टोन और सांस्कृतिक जरूरतों के हिसाब से अपने पोर्टफोलियो को ढाल रही है। इसके लिए कंपनी अपने प्रेस्टीज ब्रांड्स जैसे Nars और Anessa को भारतीय बाजार में आक्रामक तरीके से उतार रही है।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग क्यों है जरूरी?
कंपनी की सबसे बड़ी चुनौती इंपोर्ट ड्यूटी और लॉजिस्टिक्स की लागत रही है। इसे कम करने के लिए Shiseido अब भारत में ही मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने की संभावना तलाश रही है। इससे न केवल कंपनी का मुनाफा बढ़ेगा, बल्कि भारतीय मार्केट की बदलती जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट्स को तेजी से लॉन्च करना भी आसान हो जाएगा।
ग्लोबल संकट और चीन का असर
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब Shiseido को चीन के बाजार में बिक्री में भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। चीन, जो पहले कंपनी के लिए ग्रोथ का मुख्य इंजन था, अब कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसलिए अब भारत जैसे उभरते बाजारों पर कंपनी का फोकस बढ़ गया है ताकि ग्लोबल स्तर पर मुनाफा फिर से पटरी पर लाया जा सके।
निवेशकों के लिए बड़ी बातें
Shiseido टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज (4911) पर लिस्टेड है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग निवेश और उसकी क्षमता को लेकर होने वाली घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए। भारत में डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स और भारी प्रतिस्पर्धा के बीच, कंपनी अपनी वैश्विक रिसर्च को भारतीय उपभोक्ताओं की कीमत संवेदनशीलता (price sensitivity) के साथ कैसे बैलेंस करती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
