मुनाफे में 'Sheela Foam' की तूफानी तेजी: Kurlon का असर, वॉल्यूम की दौड़
Sheela Foam के इस तिमाही के नतीजे कंपनी के लिए एक अहम मोड़ साबित हुए हैं। मैट्रेस सेगमेंट में 11% और फोम सेगमेंट में 20% की मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ ने कंपनी के टॉप-लाइन को ही नहीं, बल्कि बॉटम-लाइन को भी पंख लगा दिए। मैनेजमेंट का कहना है कि Kurlon के सफल अधिग्रहण के बाद से कंपनी के ऑपरेशंस में काफी सुधार हुआ है और इसका सीधा असर नतीजों पर दिख रहा है। इस तिमाही में कंपनी का EBITDA भी 30% बढ़कर ₹115 करोड़ हो गया, जबकि 9 महीने की अवधि (9MFY26) के लिए कोर EBITDA में 34% की जोरदार उछाल के साथ यह ₹293 करोड़ पर पहुंच गया।
वैल्यूएशन की पहेली: ग्रोथ के साथ चिंताएं?
हालांकि, इन शानदार नतीजों के बावजूद, बाजार की प्रतिक्रिया थोड़ी मिली-जुली रही। शेयर की कीमत 3 फरवरी 2026 को 1.47% चढ़कर ₹525.75 पर बंद हुई। इसकी एक बड़ी वजह कंपनी का वैल्यूएशन है। Sheela Foam का P/E रेश्यो 60.1x से लेकर 106.75x तक चल रहा है, जिसमें 93.12x और 104.7x जैसे आंकड़े भी सामने आए हैं। यह तुलनात्मक रूप से प्रतिस्पर्धी कंपनियों जैसे Responsive Industries (P/E 25.89x) और Euro Pratik Sales (P/E 31.99x) से काफी ज्यादा प्रीमियम है। ऐसे में, यह सवाल उठता है कि क्या बाजार ने भविष्य की ग्रोथ और मार्जिन सस्टेनेबिलिटी को पूरी तरह से कीमत में शामिल कर लिया है, खासकर कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रतिस्पर्धी दबावों के बीच।
ब्रोकरेज की राय और भविष्य की राह
विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय होम फर्निशिंग और फर्नीचर मार्केट में जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है, जो कि बढ़ती डिस्पोजेबल आय, शहरीकरण और ब्रांडेड उत्पादों की बढ़ती मांग से प्रेरित है। होम डेकोर मार्केट के 5.40% CAGR से बढ़ने का अनुमान है, जबकि होम फर्नीचर मार्केट 8.24% CAGR से बढ़ सकता है। इस अनुकूल माहौल में Sheela Foam का विस्तार जारी रहने की उम्मीद है। ई-कॉमर्स पर कंपनी की अपनी वेबसाइट पर वॉल्यूम में 138% और अन्य प्लेटफॉर्म पर 39% की जबरदस्त वृद्धि (9M FY26) एक सकारात्मक संकेत है। 'U20' सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ देखी गई है।
इसके बावजूद, फरवरी 2025 में भी ऐसे ही सकारात्मक नतीजों के बावजूद शेयर में ज्यादा तेजी नहीं दिखी थी, जिसका एक कारण कच्चे माल की लागत पर चिंताएं थीं। वर्तमान स्थिति में भी, कई एनालिस्ट्स 'होल्ड' (Hold) की सलाह दे रहे हैं, हालांकि औसत टारगेट प्राइस में थोड़ी अपसाइड की गुंजाइश दिख रही है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹5,600-₹5,700 करोड़ के आसपास बना हुआ है। मैनेजमेंट का आत्मविश्वास है कि वे भारत, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन में लगातार, प्रॉफिटेबल ग्रोथ जारी रखेंगे, लेकिन मार्जिन को बनाए रखना और वैल्यूएशन को सही ठहराना उनके सामने मुख्य चुनौतियाँ होंगी।