मुनाफे और रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल
Sheela Foam Limited के हालिया नतीजों ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। कंपनी ने Q3 FY26 में दमदार प्रदर्शन करते हुए अपने स्टैंडअलोन रेवेन्यू को 7.81% बढ़ाकर ₹841.64 करोड़ पर पहुंचाया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹780.69 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी यह 26.22% की शानदार बढ़ोतरी है। सबसे अहम बात यह है कि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹17.26 करोड़ से 124.22% उछलकर ₹38.70 करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर तो प्रॉफिट में 584.96% की बेतहाशा बढ़ोतरी देखी गई।
कंसॉलिडेटेड नतीजों में तो और भी गजब देखने को मिला, जहां रेवेन्यू 11.10% YoY और 22.79% QoQ बढ़कर ₹1,074.43 करोड़ रहा। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) में 212.92% की जबरदस्त उछाल आई और यह ₹52.57 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹16.80 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर यह 427.90% की बढ़ोतरी है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) में बीमा क्लेम से मिली बड़ी रकम के कारण कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट का बेस काफी कम था, जिसने इस साल की YoY बढ़ोतरी को बहुत बड़ा दिखाया है।
कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ है। स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग मार्जिन 37.0% (पिछले साल 35.0%) और नेट प्रॉफिट मार्जिन 4.6% (पिछले साल 2.2%) पर पहुंच गए। कंसॉलिडेटेड ऑपरेटिंग मार्जिन 38.3% (पिछले साल 36.0%) और नेट प्रॉफिट मार्जिन 4.9% (पिछले साल 1.7%) दर्ज किए गए। बेसिक ईपीएस (EPS) भी स्टैंडअलोन ₹3.54 (पिछले साल ₹1.58) और कंसॉलिडेटेड ₹4.77 (पिछले साल ₹1.53) पर पहुंच गया।
स्टैंडअलोन नतीजों में भूमि और भवन की बिक्री से ₹7.84 करोड़ का एक्सेप्शनल लॉस भी दर्ज किया गया है।
नौ महीनों के आंकड़े और चिंताएं
जब हम नौ महीनों के नतीजों पर नजर डालते हैं, तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 6.93% की बढ़ोतरी के बावजूद, नेट प्रॉफिट 30.42% घटकर ₹55.05 करोड़ रह गया। कंसॉलिडेटेड आधार पर भी रेवेन्यू में 6.99% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन नेट प्रॉफिट 9.60% गिरकर ₹69.08 करोड़ पर आ गया।
कंपनी की ओर से कोई मैनेजमेंट गाइडेंस या मैनेजमेंट की कमेंट्री (concall) उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे भविष्य की योजनाओं का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है।
रिस्क और आगे की राह
मुख्य जोखिम:
एक बड़ी चिंता वर्किंग कैपिटल की है, क्योंकि स्टैंडअलोन (0.64x) और कंसॉलिडेटेड (0.69x) दोनों ही ऑपरेशन्स के लिए करंट रेश्यो 1 से नीचे हैं। इससे पता चलता है कि कंपनी को शॉर्ट-टर्म फंडिंग पर निर्भर रहना पड़ सकता है, जिस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। नौ महीनों में नेट प्रॉफिट में आई गिरावट भी कुछ अंदरूनी दबावों की ओर इशारा कर सकती है, जिन्हें Q3 के शानदार नतीजों ने फिलहाल छिपा दिया है।
आगे का रास्ता:
निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में वर्किंग कैपिटल प्रबंधन में सुधार पर कंपनी की कमेंट्री का इंतजार रहेगा। Kurlon Enterprise Limited के एक्वीजीशन का 48,81,460 इक्विटी शेयर्स के अलॉटमेंट के जरिए पूरा होना, कंपनी के लिए एक बड़ा फैक्टर साबित होगा। अच्छी बात यह है कि कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो काफी मजबूत है, जो स्टैंडअलोन 0.21x और कंसॉलिडेटेड 0.33x है। अनसिक्योर्ड NCDs भी पिछले साल के मुकाबले आधे होकर ₹362.50 करोड़ रह गए हैं। इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेश्यो में भी सुधार हुआ है, जो स्टैंडअलोन 5.47x और कंसॉलिडेटेड 4.86x पर है, जिससे पता चलता है कि कंपनी अपने कर्ज का भुगतान आसानी से कर सकती है।
