Shanti Gold International ने Q1FY27 में धमाकेदार प्रदर्शन किया है! कंपनी का रेवेन्यू **145%** बढ़कर **₹716 करोड़** पहुंच गया है, क्योंकि नई प्रोडक्शन फैसिलिटीज ने काम शुरू कर दिया है। हालांकि, निवेशकों को बढ़ते वर्किंग कैपिटल और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पर नज़र रखनी चाहिए।
मुनाफे में 47% की जोरदार बढ़ोतरी
Shanti Gold International Limited (SGIL) ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में तेज बढ़ोतरी के दम पर रेवेन्यू में 145% का उछाल आया और यह ₹716.38 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट 47% बढ़कर ₹50.48 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी ने नए क्लाइंट्स को जोड़ने और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर जोर दिया, जिसके चलते पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में सेल्स वॉल्यूम में 62% की बढ़ोतरी हुई।
क्षमता विस्तार और नई फैसिलिटीज
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, SGIL अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को तेजी से बढ़ा रहा है। मुंबई (मारोल) में एक नया प्रोडक्शन प्लांट जून 2026 में चालू हो गया है, जिससे उत्पादन में मदद मिल रही है। कंपनी दिसंबर 2026 तक जयपुर में एक और प्लांट शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें शुरुआत में 1,200 किलोग्राम की क्षमता होगी। SGIL अब डिजाइनर और टर्किश-स्टाइल ज्वेलरी जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि बड़े रिटेल चेन्स को आकर्षित किया जा सके और मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत की जा सके।
मार्जिन पर दबाव और वित्तीय सेहत
रेवेन्यू में भारी उछाल के बावजूद, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर कुछ दबाव देखा गया है। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में ग्रॉस मार्जिन और EBITDA मार्जिन दोनों में गिरावट आई है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी नई प्रोडक्शन कैपेसिटी को इंटीग्रेट करते हुए इन मार्जिन्स को स्थिर रख पाती है। वहीं, बैलेंस शीट पर, SGIL का डेट-टू-इक्विटी रेशियो पिछले क्वार्टर के 0.29 तक सुधर गया है, जो मार्च 2026 में 0.34 था। यह सुधार लगभग ₹99.83 करोड़ के राइट्स इश्यू से संभव हुआ, जिसका इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल को फंड करने और विस्तार योजनाओं को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा।
ऑपरेशनल जोखिम और ध्यान देने योग्य बातें
हालांकि विस्तार योजनाएं और वॉल्यूम ग्रोथ सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन इस बिजनेस मॉडल में कुछ खास जोखिम भी हैं जिन पर शेयरधारकों को नजर रखनी चाहिए। SGIL 'रेडी-स्टॉक' मॉडल पर काम करता है, जिसमें आमतौर पर निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो होता है। कंपनी का वर्किंग कैपिटल डेज काफी बढ़कर 89.7 दिन हो गया है, जो पहले 47.7 दिन था। इसका मतलब है कि इन्वेंटरी और देनदारियों को कैश में बदलने में अधिक समय लग रहा है। इस ट्रेंड पर सावधानी से नजर रखने की जरूरत है ताकि लिक्विडिटी पर दबाव न पड़े। इसके अलावा, चूंकि कंपनी सोने का कारोबार करती है, इसलिए यह ग्लोबल गोल्ड प्राइस में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है, जो इन्वेंटरी वैल्यू और प्रॉफिट मार्जिन दोनों को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को जयपुर प्लांट की प्रगति और प्रतिस्पर्धी बाजार में मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर भी ध्यान देना चाहिए, जहां Sky Gold & Diamonds जैसे प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला है।
