US की दिग्गज स्पिरिट्स कंपनी Sazerac ने John Distilleries में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **66%** कर ली है। कंपनी का रेवेन्यू **₹10,820 करोड़** रहा, जो भारतीय शराब बाजार में विदेशी निवेश की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है।
भारी रेवेन्यू, लेकिन सीमित मुनाफा
बेंगलुरु स्थित John Distilleries ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹10,820.10 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 15% अधिक है। हालांकि, टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट महज ₹11.6 करोड़ रहा। शराब इंडस्ट्री में यह अंतर आम है, जहां 'Original Choice' जैसे मास-मार्केट ब्रांड्स कम मार्जिन पर काम करते हैं।
प्रीमियम सेगमेंट पर बड़ा दांव
Sazerac का मेजॉरिटी कंट्रोल लेना कंपनी की भविष्य की रणनीति को साफ करता है। अब फोकस मास-मार्केट से हटकर 'Paul John' जैसे प्रीमियम सिंगल माल्ट ब्रांड्स को बढ़ावा देने पर होगा। वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच का उपयोग कर, Sazerac भारतीय बाजार में प्रीमियम मार्जिन वाली कैटेगरी में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है।
सेक्टर के लिए क्या मायने हैं?
John Distilleries भले ही अनलिस्टेड कंपनी हो, लेकिन इसकी बदलती ओनरशिप सीधे तौर पर शेयर बाजार में लिस्टेड United Spirits और Radico Khaitan जैसे दिग्गजों के लिए संकेत है। भारतीय शराब बाजार में विदेशी कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी यह बताती है कि वे यहां की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और बदलते कंज्यूमर ट्रेंड्स का फायदा उठाना चाहती हैं।
निवेश के जोखिम (Risks)
लिकर सेक्टर में सरकारी रेगुलेशंस, एक्साइज ड्यूटी और प्राइस कैप जैसे रिस्क हमेशा बने रहते हैं, जो मार्जिन को दबा सकते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि नई लीडरशिप इन रेगुलेटरी चुनौतियों से कैसे निपटती है और क्या वे मास-मार्केट से प्रीमियम सेगमेंट में सफल ट्रांजिशन कर पाते हैं।
