मुनाफे की जगह डूबा घाटा!
Sapphire Foods India Limited के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी किस कदर वित्तीय मुश्किलों में घिरी है। कंसोलिडेटेड लेवल पर, कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹4.81 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹12.73 करोड़ के मुनाफे से बिल्कुल उलट है। स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर भी यह घाटा ₹6.32 करोड़ से बढ़कर ₹10.90 करोड़ हो गया है, जो कंपनी की आय में आई बड़ी गिरावट का संकेत देता है।
नौ महीनों का बुरा हाल
अगर हम फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के पहले नौ महीनों (9MFY26) के आंकड़ों को देखें, तो तस्वीर और भी धूमिल नजर आती है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Revenue) में 19% की भारी गिरावट आई है, जो ₹2,333.09 करोड़ पर आ गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹19.33 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹16.70 करोड़ का प्रॉफिट था। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 20.2% की कमी के साथ नेट लॉस ₹31.60 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी लगातार नकारात्मक (Negative) बनी हुई है, जो profitability की बड़ी चुनौतियों को दर्शाती है।
Devyani International के साथ मर्जर की बड़ी डील
ऐसे मुश्किल वक्त में, Sapphire Foods ने एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Devyani International Limited के साथ मर्जर (Amalgamation) की स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस मर्जर के पीछे का मकसद क्विक-सर्विस रेस्तरां (QSR) स्पेस में एक बड़ी और मजबूत कंपनी तैयार करना है।
इस मर्जर के लिए एक शेयर स्वैप (Share Swap) रेशियो तय किया गया है। इसके तहत, Sapphire Foods के 100 इक्विटी शेयर रखने वाले निवेशकों को Devyani International के 177 इक्विटी शेयर मिलेंगे। यह डील 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी (Effective) हो सकती है, बशर्ते इसे सभी जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल और शेयरधारकों की मंजूरी मिल जाए। यह रेशियो Sapphire Foods के शेयरधारकों के लिए एक प्रीमियम का संकेत दे सकता है।