Sapphire Foods India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में **₹8,853 मिलियन** का रेवेन्यू दर्ज किया है। दमदार ग्रोथ के बावजूद कंपनी के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों को Pizza Hut के मार्जिन और बढ़ती लागत की चिंता सता रही है।
मुनाफे के मोर्चे पर क्यों आई चिंता?
Sapphire Foods India ने पिछले 16 क्वार्टर्स में अपनी सबसे तेज रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी ने सितंबर 2026 तक की दूसरी तिमाही में 20% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹8,853 मिलियन की बिक्री हासिल की। इसके साथ ही, कंपनी का एडजस्टेड EBITDA भी 39% बढ़कर ₹624 मिलियन पर पहुंच गया है, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा नहीं बन पाया और स्टॉक 0.58% गिरकर ₹191.85 पर बंद हुआ।
KFC बनाम Pizza Hut का गणित
कंपनी के लिए KFC इंडिया इस बार भी स्टार परफॉर्मर रहा। KFC का रेवेन्यू 26% बढ़ा और कंपनी ने अपने स्टोर नेटवर्क को 529 से बढ़ाकर 606 लोकेशन तक पहुँचा दिया है। इन्फ्लेशन की चुनौतियों के बावजूद KFC का EBITDA मार्जिन 70 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 14.5% रहा।
इसके उलट, Pizza Hut का प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला है। हालांकि इसका रेवेन्यू 7% बढ़ा, लेकिन इसका मार्जिन गिरकर -2.8% के नेगेटिव दायरे में चला गया। कंपनी का कहना है कि बिजली और एनर्जी की बढ़ती लागत (Energy Costs) इसके मुनाफे पर भारी पड़ी है। साथ ही, श्रीलंका के कारोबार में भी मार्जिन 290 बेसिस पॉइंट्स घटकर 12.5% रह गया है।
निवेशकों की बढ़ती सावधानी
QSR (Quick Service Restaurant) सेक्टर को लेकर बाजार फिलहाल काफी सतर्क है। पिछले 12 महीनों में Sapphire Foods का शेयर अपने 52-वीक हाई ₹310.50 से करीब 35% नीचे आ चुका है। फिलहाल निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि कंपनी बढ़ती महंगाई के बीच अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करेगी और Pizza Hut के मुनाफे को कब तक पटरी पर ला पाएगी।
