Sapphire Foods India: घाटे का रहा तिमाही, मर्जर की बड़ी खबर
Sapphire Foods India Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में ₹48.08 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस रिपोर्ट किया है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹127.32 करोड़ के मुनाफे से एक बड़ा उलटफेर है। कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला, जहां Q3 FY26 में ₹108.98 करोड़ का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल Q3 FY25 में ₹34.61 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया गया था।
इस गिरावट के बावजूद, कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में पिछले साल की तुलना में 7.56% की वृद्धि दर्ज की गई, जो Q3 FY26 में ₹8,138.29 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि Q3 FY25 में यह ₹7,565.37 करोड़ था। नौ महीनों (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹23,330.94 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹21,705.23 करोड़ से अधिक है। हालांकि, नौ महीनों की अवधि के लिए नेट लॉस बढ़कर ₹193.33 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹146.80 करोड़ के मुनाफे से काफी अलग है। स्टैंडअलोन नौ महीनों के लॉस में भी भारी वृद्धि देखी गई, जो ₹316.04 करोड़ रहा।
Devyani International के साथ मर्जर को मंजूरी
सबसे अहम खबर यह है कि Sapphire Foods India के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने Devyani International Limited के साथ कंपनी के मर्जर (Amalgamation) की स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दे दी है। अगर सभी जरूरी रेगुलेटरी और वैधानिक निकायों से मंजूरी मिल जाती है, तो Sapphire Foods India, Devyani International में मर्ज हो जाएगी। इस मर्जर की प्रस्तावित प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2026 रखी गई है। इसके बदले में, Devyani International Limited, Sapphire Foods के शेयरधारकों को हर 100 Sapphire Foods शेयर (₹2 फेस वैल्यू वाले) के बदले ₹1 फेस वैल्यू वाले 177 Devyani शेयर जारी करेगी। यह कदम एक बड़ी इकाई बनाने के लक्ष्य के साथ एक स्ट्रेटेजिक कंसॉलिडेशन (strategic consolidation) का संकेत देता है।
अन्य प्रमुख बातें और नियुक्तियां
नतीजों पर कुछ एक्सेप्शनल आइटम्स (exceptional items) का भी असर पड़ा है। इसमें नए लेबर कोड के कारण एम्प्लॉई बेनिफिट ऑब्लिगेशन्स (employee benefit obligations) से संबंधित ₹80.26 मिलियन का चार्ज और मर्जर-रिलेटेड एक्सपेंसेस (merger-related expenses) के तौर पर ₹31.37 मिलियन शामिल हैं। पिछले साल के इंपेयरमेंट लॉसेज (impairment losses) ने भी तुलना को प्रभावित किया, जिसमें कंसोलिडेटेड आधार पर ₹114.20 मिलियन और स्टैंडअलोन आधार पर ₹169.64 मिलियन शामिल थे। इसके अलावा, बोर्ड ने श्री कुशल अग्रवाल को शेयरधारक की मंजूरी के अधीन, Sapphire Foods Mauritius Limited का प्रतिनिधित्व करने वाले एक एडिशनल डायरेक्टर (Additional Director), नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉमिनी डायरेक्टर (Non-Executive Nominee Director) के रूप में नियुक्त करने की भी मंजूरी दी।
आगे की राह और जोखिम
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी में आई तेज गिरावट होगी। Devyani International के साथ प्रस्तावित मर्जर की प्रभावशीलता और वैल्यूएशन (valuation) गहन जांच के दायरे में होंगे। इस मर्जर में एग्जीक्यूशन चैलेंज (execution challenges) और इंटीग्रेशन कॉम्प्लेक्सिटीज (integration complexities) जैसे जोखिम शामिल हैं, साथ ही व्यापक मार्केट कंडीशंस (market conditions) भी वर्तमान वित्तीय दबावों में योगदान दे रही होंगी। नई बनी इकाई की सिनर्जी (synergies) हासिल करने और मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी पर लौटने की क्षमता भविष्य के शेयरधारक मूल्य के लिए महत्वपूर्ण होगी। निवेशक मर्जर की अंतिम शर्तों और मुनाफे में वापसी के रास्ते पर मैनेजमेंट की टिप्पणी का इंतजार करेंगे।