Samsung ने भारत में एक बड़ा कीर्तिमान हासिल किया है। कंपनी ने बताया कि देश में बिकने वाले उसके **50%** से ज्यादा घरेलू उपकरण अब AI-इनेबल्ड हैं। अब कंपनी अपनी प्रीमियम टेक्नोलॉजी को आम घरों तक पहुंचाने की तैयारी में है।
प्रीमियम से मास मार्केट का सफर
Samsung ने साउथवेस्ट एशिया में अपने कनेक्टेड और AI-इनेबल्ड डिवाइसों का दायरा बढ़ाकर 20 लाख के आंकड़े को पार कर लिया है। अब कंपनी AI को केवल अमीरों का शौक नहीं, बल्कि एक सामान्य जरूरत बनाने पर जोर दे रही है। भारत में कंपनी की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 95% से ज्यादा उपकरण यहीं मैन्युफैक्चर किए जा रहे हैं, जिससे लागत पर नियंत्रण रखना आसान हो गया है।
युवाओं का क्रेज
कंपनी के SmartThings प्लेटफॉर्म के 71% एक्टिव यूजर्स 20 से 30 साल की उम्र के हैं। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों के युवा अब रिमोट मॉनिटरिंग और एनर्जी-सेविंग जैसे फीचर्स वाले स्मार्ट अप्लायंसेज को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में कॉम्पिटिशन बहुत तगड़ा है। हालांकि, निवेशकों को इस बात पर ध्यान देना होगा कि क्या कंपनियां एंट्री-लेवल प्रोडक्ट्स में AI डालकर अपने मुनाफे (Profit Margins) को बरकरार रख पाएंगी? सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट पर आने वाला खर्च आने वाले फाइनेंशियल रिजल्ट्स में दबाव डाल सकता है। अब देखना यह होगा कि बाजार के अन्य दिग्गज खिलाड़ी Samsung की इस आक्रामक रणनीति का जवाब कैसे देते हैं और इसका असर मार्केट शेयर पर क्या पड़ता है।
