Samsung India के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 36% गिरकर **₹7,228.10 करोड़** रह गया है। मोबाइल सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा और एक्सपोर्ट में कमी के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया है।
वित्त वर्ष 2026 Samsung India Electronics के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹11,287.50 करोड़ से घटकर ₹7,228.10 करोड़ रह गया। हालांकि, ऑपरेशंस से होने वाली कुल रेवेन्यू में 1.2% की मामूली बढ़त देखी गई और यह ₹1.12 लाख करोड़ तक पहुंच गई, लेकिन बढ़ते खर्चों ने मुनाफे पर कैंची चला दी।
मोबाइल सेगमेंट में कड़ी टक्कर
कंपनी का मुख्य बिजनेस यानी मोबाइल हैंडसेट और एक्सेसरीज का रेवेन्यू 1.35% गिरकर ₹81,472.2 करोड़ पर आ गया है। कंपनी को मास-मार्केट में Xiaomi और Vivo जैसे ब्रांड्स से कड़ी चुनौती मिल रही है, जबकि प्रीमियम सेगमेंट में Apple का दबाव लगातार बना हुआ है। इस गलाकाट प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन को मेंटेन करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
अप्लायंसेज और एक्सपोर्ट का हाल
मोबाइल बिजनेस की सुस्ती के बीच होम अप्लायंसेज जैसे एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और फ्रिज के बिजनेस में 3.52% की ग्रोथ देखी गई और इसका रेवेन्यू ₹12,240.60 करोड़ रहा। वहीं, टेलीविजन और साउंडबार सेगमेंट ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जिसका रेवेन्यू 8.5% उछलकर ₹8,055.90 करोड़ पर पहुंच गया। घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री 9.34% बढ़ी है, लेकिन एक्सपोर्ट में 5.64% की गिरावट (कुल ₹41,068.60 करोड़) ने ग्रोथ को प्रभावित किया है।
बढ़ते खर्च और रॉयल्टी का बोझ
कंपनी का कुल ऑपरेटिंग खर्च 3.54% बढ़कर ₹1.04 लाख करोड़ हो गया है। लागत कम करने के लिए कंपनी ने विज्ञापन और प्रमोशन बजट में 11.9% की कटौती करते हुए इसे ₹3,850.50 करोड़ कर दिया है। इसके अलावा, साउथ कोरिया स्थित पैरेंट कंपनी को दी जाने वाली रॉयल्टी में 7.2% का इजाफा हुआ और यह ₹3,474 करोड़ तक पहुंच गई।
