बच्चों के कपड़ों (Kidswear) बनाने वाली कंपनी Karnika Industries में एक बड़े निवेशक, SageOne Investment Managers ने लगभग **18.18 करोड़ रुपये** का निवेश किया है। SageOne ने कंपनी के **3.2%** शेयर खरीदे हैं। यह खरीदारी तब हुई है जब Karnika Industries के शेयर की कीमत में हाल ही में **13%** की भारी गिरावट आई थी।
किस भाव पर हुई खरीदारी?
Pune की SageOne Investment Managers ने अपने Flagship Growth OE Fund के जरिए Karnika Industries के 19.91 लाख शेयर खरीदे हैं। यह सौदा 6 जुलाई 2026 को ओपन मार्केट ऑपरेशन्स के जरिए हुआ, जिसमें प्रति शेयर का औसत भाव ₹91.33 रहा। इस तरह कुल मिलाकर ₹18.18 करोड़ का यह निवेश, बच्चों के कपड़ों के बाजार में एक संस्थागत निवेशक (institutional investor) की महत्वपूर्ण एंट्री को दर्शाता है, खासकर तब जब शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था।
शेयर बाजार का रिएक्शन
निवेशक Karnika Industries पर करीब से नजर रख रहे थे, खासकर हालिया गिरावट के बाद। कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹96.90 पर बंद हुए, जो एक दिन में 13.29% की गिरावट को दर्शाता है। ट्रेडिंग के दौरान, शेयर ₹90.25 के निचले स्तर तक भी गया था। ऐसा लगता है कि इसी स्तर ने SageOne को खरीदारी के लिए आकर्षित किया। शेयर में हालिया दबाव को देखते हुए, इस स्तर पर संस्थागत खरीदारी को निवेशक कंपनी के लंबे समय के बिजनेस मॉडल में भरोसे के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस
जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में, Karnika Industries का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹9.1 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर की तुलना में 1.9% कम है। कंपनी के मुताबिक, यह मामूली गिरावट मुख्य रूप से इस अवधि में 'अन्य आय' (other income) में कमी के कारण हुई।
हालांकि, कंपनी के कोर ऑपरेटिंग परफॉरमेंस ने एक अलग तस्वीर पेश की। कंपनी का रेवेन्यू ₹73.8 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर से 2.8% ज्यादा है। सबसे खास बात यह है कि EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई), जो कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी का पैमाना है, 65.5% बढ़कर ₹12.7 करोड़ हो गया। इसके चलते EBITDA मार्जिन में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई, जो पिछले क्वार्टर के 10.7% से बढ़कर 17.23% हो गया। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी अपने प्रोडक्शन कॉस्ट और अपैरल प्रोडक्ट्स की मांग को कैसे मैनेज करती है, और क्या भविष्य के क्वार्टर्स में ऑपरेटिंग मार्जिन में यह सुधार बना रहता है।
सेक्टर में और क्या हुआ?
Karnika Industries के अलावा, 6 जुलाई को बाजार में कई अन्य बड़े सौदे भी हुए। Agarwal Toughened Glass India में Green Portfolio और Golden Bird Investment Trust ने मिलकर 1.7% हिस्सेदारी खरीदी। वहीं, दूसरी तरफ कुछ संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी घटाई भी है। VPK Global Ventures Fund ने Agarwal Toughened Glass में अपनी हिस्सेदारी कम की, और Lloyds Enterprises ने Bharat Wire Ropes में शेयर बेचे।
Karnika Industries के शेयरधारकों के लिए, आने वाले महीनों में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ में निरंतरता और इन बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की भविष्य की फाइलिंग्स, जैसे इन्वेंट्री लेवल और विस्तार योजनाओं पर, यह समझने में और मदद मिलेगी कि कंपनी अपनी मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का फायदा कैसे उठाना चाहती है।
