Safari Industries Share: तिमाही नतीजों ने किया निराश, फिर भी ब्रोकरेज ने कहा 'खरीदो', टारगेट ₹1953

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Safari Industries Share: तिमाही नतीजों ने किया निराश, फिर भी ब्रोकरेज ने कहा 'खरीदो', टारगेट ₹1953

Safari Industries (India) ने Q1 FY27 में **5.4%** की गिरावट के साथ **₹47.75 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, हालांकि रेवेन्यू **11.5%** बढ़कर **₹588.58 करोड़** रहा। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर कंपनी के मुनाफे पर दिखा। इसके बावजूद, एक ब्रोकरेज फर्म ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस **₹1,953** दिया है।

Safari Industries के नतीजे: क्या हुआ?

Safari Industries (India) Ltd. ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 11.5% बढ़कर ₹588.58 करोड़ हो गई। लेकिन, नेट प्रॉफिट में 5.4% की गिरावट आई और यह ₹47.75 करोड़ रहा।

मुनाफे पर क्यों पड़ी मार?

कंपनी के मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण आई है। पॉलीप्रोपाइलीन (polypropylene) और पॉलीकार्बोनेट (polycarbonate) जैसे प्रमुख इनपुट्स के दाम बढ़ने से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ा है।

ब्रोकरेज की राय: 'Buy' रेटिंग बरकरार

इन चुनौतियों के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर अपना भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने 'Buy' रेटिंग के साथ शेयर के लिए ₹1,953 का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मार्जिन पर आया यह झटका अस्थायी है।

कंपनी के कदम और भविष्य की उम्मीदें

कंपनी ने हाल ही में जयपुर स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में कैपेसिटी (capacity) का विस्तार किया है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़कर 6.5 लाख पीस प्रति माह हो गई है। यह भविष्य में बिक्री की मात्रा को बढ़ाने में मदद करेगा। कंपनी अक्टूबर में Carlton ब्रांड का लाइसेंस भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

निवेशकों के लिए अहम बातें

  • प्रतियोगिता (Competition): भारत का लगेज (luggage) उद्योग काफी प्रतिस्पर्धी है। कंपनी को लागत वृद्धि को उपभोक्ताओं पर डालने और मांग बनाए रखने के बीच संतुलन साधना होगा।
  • कच्चे माल की कीमतें: अगर कच्चे माल की कीमतें बढ़ती रहती हैं, तो प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।
  • नेतृत्व परिवर्तन: कंपनी ने Aditya Bhargava को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। निवेशक यह सुनिश्चित करने के लिए नेतृत्व में बदलाव पर बारीकी से नजर रखते हैं कि वित्तीय रणनीति और परिचालन निष्पादन में निरंतरता बनी रहे।
  • EBITDA मार्जिन: बाजार इस बात पर ध्यान देगा कि कंपनी अपने EBITDA मार्जिन को इस तिमाही के 12.8% से कैसे सुधारती है।
  • शेयर आवंटन: कंपनी ने हाल ही में अपने एम्प्लॉई स्टॉक स्कीम के तहत 1,755 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.