Rupa & Company के नतीजे: मुनाफा गिरा, चिंता बढ़ी
Rupa & Company Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 32.3% गिरकर ₹161.04 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹236.45 करोड़ था। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में भी 31.7% की गिरावट आई और यह ₹162.57 करोड़ रहा। कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू में स्टैंडअलोन बेसिस पर 0.2% की मामूली गिरावट दर्ज की गई, जो ₹313.59 करोड़ रहा। कंसॉलिडेटेड बेसिस पर रेवेन्यू 0.9% गिरकर ₹313.50 करोड़ पर पहुंच गया।
इस भारी गिरावट की मुख्य वजह 'एक्सेप्शनल आइटम' (Exceptional Item) रहा। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में बड़ी सेंध लगी, जो स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹215.26 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹327.11 करोड़ था। यह गिरावट मुख्य रूप से ₹110.10 करोड़ के एक एडिशनल लायबिलिटी की वजह से आई, जिसका आकलन न्यू लेबर कोड्स (New Labour Codes) लागू होने के बाद एम्प्लॉई बेनिफिट ऑब्लिगेशन्स (Employee Benefit Obligations) के लिए किया गया था। इस एक ही आइटम ने मुनाफे को काफी कम कर दिया।
कंपनी के स्टैंडअलोन बेसिक ईपीएस (Earnings Per Share) में भी कमी आई है, जो पिछले साल के ₹2.97 की तुलना में घटकर ₹2.08 रह गया है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कंपनी ने भविष्य को लेकर कोई मैनेजमेंट गाइडेंस (Management Guidance) या आउटलुक (Outlook) नहीं दिया है। भविष्य की ग्रोथ, डिमांड सेंटीमेंट या किसी भी तरह की स्ट्रैटेजिक प्लान पर कोई जानकारी न होने से निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल है।
इसके अलावा, कंपनी ने अपने कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर के इस्तीफे को स्वीकार किया है, जो 28 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। ऑडिटर मैसर्स सिंघी एंड कंपनी से लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट्स के लिए UDINs जनरेट करने में भी तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं।