Renaissance Global लिमिटेड ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) और नौ महीने की अवधि के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी के बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को वॉल्यूम-लेड एक्सपोर्टर से एक 'ब्रांड-लेड, कंज्यूमर-सेंट्रिक ग्लोबल ज्वेलरी प्लेटफॉर्म' में बदलने की रणनीति पर ज़ोर दिया है।
नतीजों में दिखा दमदार प्रदर्शन
इस परिवर्तन के बीच, Q3 FY'26 में कंपनी का EBITDA 19.6% बढ़कर ₹63 करोड़ पर पहुँच गया, जिससे EBITDA मार्जिन 7.7% रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 36.5% का ज़बरदस्त उछाल आया और यह ₹33 करोड़ दर्ज किया गया। पहले नौ महीनों (9MFY'26) में रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹1,886 करोड़ हुआ। इस अवधि में EBITDA 16.8% बढ़कर ₹247 करोड़, और एडजस्टेड PAT 36.6% बढ़कर ₹70 करोड़ रहा। नौ महीनों के लिए EBITDA मार्जिन 7.8% था।
D2C ग्रोथ ने बढ़ाई रफ्तार
जहां कंपनी अपने बिजनेस को ट्रांसफॉर्म कर रही है, वहीं Q3 FY'26 में कुल रेवेन्यू ₹824 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 16% ज्यादा है। इस ज़बरदस्त प्रदर्शन में सबसे खास बात रही कंपनी के डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) बिजनेस की ग्रोथ, खासकर अमेरिका में, जो 50% की रफ़्तार से बढ़ा। D2C बिजनेस में 50% रेवेन्यू ग्रोथ ने ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 90% तक की बढ़ोतरी की है।
भविष्य की राह और विस्तार योजनाएं
कंपनी का लक्ष्य अगले 2-3 साल में डबल-डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करना है, और 3-4 साल में ROE/ROCE को 20-25% की रेंज में लाना है। अपनी लग्जरी D2C ब्रांड, 'Jean Dousset', को 2026 के अंत तक 2 स्टोर्स से बढ़ाकर 5 करने की योजना है, जिसके लिए ₹25 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) आवंटित किया गया है। कंपनी 20 फरवरी 2026 तक बुलियन सेल्स को भी बंद करने वाली है।
वर्किंग कैपिटल और आगे की राह
हालांकि, कंपनी को वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में सुधार की गुंजाइश दिखती है, जहाँ इन्वेंटरी डेज 140 दिन पर थे। कंपनी इस पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। FY26 के लिए 30% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान है, और EBITDA मार्जिन 7-8% रहने की उम्मीद है, जिसे मध्यम अवधि में डबल-डिजिट तक ले जाने का लक्ष्य है।
निवेशकों को D2C रणनीति के सफल एग्जीक्यूशन, इन्वेंटरी मैनेजमेंट और मेटल प्राइस वोलेटिलिटी जैसे जोखिमों पर बारीकी से नज़र रखनी होगी।