Reliance Retail ने 7-Eleven के साथ अपनी पार्टनरशिप खत्म करने का फैसला किया है। फाइनेंशियल ईयर **2026** में **₹90 करोड़** के भारी नुकसान के बाद कंपनी ने भारत में अपने सभी **60** स्टोर्स बंद करने की घोषणा की है।
मुनाफे का गणित बिगड़ा
वित्तीय वर्ष 2026 के आंकड़े काफी चौंकाने वाले रहे। कंपनी ने कुल ₹92 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, लेकिन इसके मुकाबले नेट लॉस ₹90 करोड़ तक पहुंच गया। आसान भाषा में कहें तो, जितनी कमाई हुई, लगभग उतना ही नुकसान भी हो गया, जिससे इस बिजनेस मॉडल को जारी रखना नामुमकिन हो गया था।
क्यों नहीं चला 7-Eleven का मॉडल?
भारत में 'कन्वेनिएंस स्टोर' का मॉडल दो बड़े मोर्चों पर फेल हुआ:
- किराना स्टोर्स: पारंपरिक किराना दुकानों की ऑपरेटिंग कॉस्ट काफी कम होती है, जिससे वे कीमतों के मामले में बेहतर मुकाबला कर पाते हैं।
- क्विक-कॉमर्स का दौर: आजकल घर बैठे मिनटों में सामान डिलीवर करने वाली एप्स का दबदबा बढ़ गया है। ऐसे में ग्राहकों को स्नैक्स या बेसिक जरूरत के सामान के लिए दुकान तक जाने की जरूरत महसूस नहीं होती।
स्ट्रैटेजिक एग्जिट
Reliance Retail ने 2021 में इस फ्रेंचाइजी को फ्यूचर ग्रुप से हाथ से निकल जाने के बाद अपने हाथों में लिया था। हालांकि दुनिया के अन्य देशों जैसे जापान या सिंगापुर में यह मॉडल सुपरहिट है, लेकिन भारत की बदलती उपभोक्ता आदतों के बीच इसे बनाए रखना महंगा साबित हो रहा था। अब कंपनी अपने संसाधनों को उन बिजनेस में लगा रही है जहां ग्रोथ की संभावनाएं ज्यादा हैं।
