Reliance Industries की FMCG शाखा Reliance Consumer Products ने अपना ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाकर **₹40,000 करोड़** और कर्ज लेने की सीमा **₹27,000 करोड़** कर दी है। यह कदम बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने और ब्रांड विस्तार के लिए एक बड़े आक्रामक दांव के रूप में देखा जा रहा है।
Reliance Consumer Products Ltd (RCPL) ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपना ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर दिया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी उधारी क्षमता को तीन गुना करते हुए ₹27,000 करोड़ कर दिया है और इंटर-कॉर्पोरेट निवेश की सीमा को ₹4,000 करोड़ तक सीमित कर दिया है। ये बदलाव कंपनी को भविष्य के आक्रामक विस्तार के लिए बड़ी फाइनेंशियल फ्लैक्सिबिलिटी प्रदान करेंगे।
FMCG सेक्टर में दबदबा बनाने की कोशिश
यह कैपिटल इन्फ्यूजन कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह तेजी से बढ़ते FMCG सेक्टर में अपनी जगह बनाना चाहती है। RCPL अपने ब्रांड्स जैसे कि 'Campa Cola' और 'Independence' रेंज को Reliance Retail के विशाल नेटवर्क के जरिए आम ग्राहकों तक पहुंचा रही है। नई फंडिंग का इस्तेमाल मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और इन्वेंट्री के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा, जो किसी भी नए बिजनेस को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए जरूरी हैं।
फाइनेंशियल चुनौतियां और ग्रोथ का गणित
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 में समाप्त चार महीनों की अवधि के लिए कंपनी ने ₹125 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। FMCG सेक्टर में शुरुआती दौर में यह नुकसान सामान्य है क्योंकि कंपनी को मार्केट शेयर हासिल करने के लिए भारी निवेश करना पड़ता है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी कब तक इन शुरुआती निवेशों को मुनाफे में बदल पाती है।
लीडरशिप और दिग्गज खिलाड़ियों से टक्कर
इस विस्तार के दौरान स्थिरता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने अपने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स T Krishnakumar, Ketan Mody और Asim Parekh का कार्यकाल 2030 तक बढ़ा दिया है। कंपनी अब Hindustan Unilever, ITC और Nestlé जैसे दिग्गजों को सीधे टक्कर देने की तैयारी में है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ, ब्रांड अडॉप्शन रेट और प्रॉफिटेबिलिटी टाइमलाइन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
