Reliance Industries Limited (RIL) की FMCG शाखा, Reliance Consumer Products Limited (RCPL), ने अपनी ग्लोबल एक्सपेंशन (expansion) की मंशा को ज़ाहिर करते हुए ऑस्ट्रेलियाई हेल्थ ड्रिंक कंपनी Goodness Group Global में मेजॉरिटी स्टेक खरीदने का फैसला किया है। यह डील A$25.4 मिलियन में हुई है। सिडनी बेस्ड Goodness Group के पास Nexba (जीरो-कैलोरी स्वीटनर्स के लिए मशहूर) और Pat Cummins के साथ मिलकर बनाई गई PACE (हाइड्रेशन ड्रिंक) जैसे हेल्थ-फोक्स्ड (health-focused) ब्रांड्स हैं। RIL, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) लगभग ₹19.6 लाख करोड़ है और शेयर ₹1450.80 के आसपास ट्रेड कर रहा था (Feb 6, 2026), अपने कंज्यूमर-फेसिंग (consumer-facing) बिज़नेस को मज़बूत करने की कोशिश में है। RCPL का लक्ष्य FY26 तक ₹20,000 करोड़ का FMCG रेवेन्यू (revenue) हासिल करना है, और यह एक्विजिशन (acquisition) उस दिशा में एक अहम कदम है।
यह एक्विजिशन (acquisition) RCPL को तेज़ी से बढ़ते ऑस्ट्रेलियाई हेल्थ ड्रिंक्स मार्केट में सीधे तौर पर खड़ा करता है। यह मार्केट 2024 में USD 1,951.60 मिलियन का था और 2033 तक USD 2,809.14 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 4.13% की CAGR से ग्रोथ दिख रही है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण कंज्यूमर का शुगर-स्वीटेंड बेवरेजेस (sugar-sweetened beverages) से हटकर लो-शुगर, फंक्शनल (functional) और वेलनेस बेनिफिट्स (wellness benefits) वाले ड्रिंक्स की ओर बढ़ना है। Goodness Group के Nexba ब्रांड का सालाना रेवेन्यू (annual revenue) करीब $45 मिलियन है, जिसने खासकर गट-हेल्थ (gut-health) सेगमेंट में अपनी पहचान बनाई है। RCPL अब अपने विशाल सप्लाई चेन (supply chain) और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (distribution network) का इस्तेमाल करके इन ब्रांड्स को न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया में, बल्कि भारत में भी बड़ा करना चाहती है, जहाँ हेल्दी ड्रिंक्स की डिमांड ज़ोरों पर है।
हालांकि, यह कदम काफी साहसिक है, लेकिन इसमें कई बड़े एक्सेक्यूशन रिस्क (execution risks) भी शामिल हैं। डील की कुल वैल्यू (deal value) के अलावा, A$25.4 मिलियन स्टेक (stake) एक्विजिशन के बाद पूरी फाइनेंशियल कमिटमेंट (financial commitment) पर सवाल उठते हैं। ऑस्ट्रेलिया का कंज्यूमर गुड्स मार्केट (consumer goods market) बेहद कॉम्पिटिटिव (competitive) है, जहाँ पहले से ही कई बड़ी और लोकल कंपनियां मौजूद हैं। Goodness Group के ऑपरेशन्स (operations) को इंटीग्रेट (integrate) करना और इसके खास ब्रांड्स (niche brands) को इंटरनेशनल (international) स्तर पर बढ़ाना एक जटिल काम होगा, जिसमें पहले भी कई ग्रुप्स को मुश्किलें आई हैं। RIL का एक्सपेंशन (expansion) का इतिहास और मजबूत फाइनेंशियल बैकिंग (financial backing) तो है, लेकिन कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) से जुड़ी पिछली कंट्रोवर्सीज़ (controversies) इस नई इंटरनेशनल प्ले (international play) के एक्सेक्यूशन (execution) पर भी बारीकी से नज़र रखने को मज़बूर करती हैं।
इन रिस्क (risk) के बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) RIL की डाइवर्सिफाइड ग्रोथ स्ट्रेटेजी (diversified growth strategy) को लेकर आशावादी हैं। UBS ने शेयर पर 'Buy' रेटिंग और INR 1,750 का टारगेट प्राइस (price target) दिया है, वहीं JPMorgan ने 'Overweight' रेटिंग के साथ Rs 1,568 का टारगेट (target) रखा है। RCPL का FY26 तक ₹20,000 करोड़ के FMCG रेवेन्यू (revenue) का लक्ष्य, इस एक्विजिशन (acquisition) के साथ और मज़बूत होता दिखता है। यह डील, Reliance की भारत से बाहर ग्लोबल ब्रांड्स बनाने की क्षमता का एक अहम संकेत साबित होगी।