Relaxo Footwears Share Price: मुनाफा **20%** लुढ़का, मार्जिन पर कसा शिकंजा!

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Relaxo Footwears Share Price: मुनाफा **20%** लुढ़का, मार्जिन पर कसा शिकंजा!
Overview

Relaxo Footwears के निवेशकों के लिए Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का रेवेन्यू तो **₹668 करोड़** पर स्थिर रहा, लेकिन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) साल-दर-साल (YoY) **19.6%** गिरकर **₹27 करोड़** पर आ गया।

नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

Relaxo Footwears Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने अन-ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने भले ही टॉप-लाइन रेवेन्यू को संभाले रखा हो, लेकिन मुनाफे में गिरावट साफ देखी गई है।

आंकड़े क्या कहते हैं?

  • Q3 FY26: कंपनी का रेवेन्यू ₹668 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) के ₹667 करोड़ की तुलना में 0.2% की मामूली बढ़ोतरी है। हालांकि, ईबीटा (EBITDA) 16.8% घटकर ₹69 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹83 करोड़ था। ईबीटा मार्जिन 211 बेसिस पॉइंट घटकर 10.4% पर आ गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 19.6% की गिरावट के साथ ₹27 करोड़ पर पहुंचा, और पैट मार्जिन 98 बेसिस पॉइंट कम होकर 4.0% हो गया।
  • 9M FY26: इस अवधि में रेवेन्यू 6.8% घटकर ₹1,951 करोड़ रहा। ईबीटा 7.4% की गिरावट के साथ ₹250 करोड़ पर आया, जिसका मार्जिन 12.8% था। पैट में 2.2% की मामूली गिरावट आई और यह ₹112 करोड़ रहा, जबकि पैट मार्जिन 5.7% था।

मुनाफे में गिरावट की वजह

Q3 और 9M FY26 दोनों अवधियों में मुनाफे में कमी की मुख्य वजह सेल्स प्रमोशन पर बढ़ा हुआ खर्च और Q3 FY26 में नए लेबर कोड से जुड़ा ₹5.7 करोड़ का एकमुश्त खर्च बताया गया है। इसी वजह से ईबीटा और पैट मार्जिन दोनों में कमी दर्ज की गई है।

आगे की राह और मैनेजमेंट का रुख

कंपनी का मैनेजमेंट मानता है कि बाजार में कंज्यूमर स्पेंडिंग थोड़ी सुस्त है और लोग खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं। Q3 में रेवेन्यू स्थिर रहने के बावजूद, मैनेजमेंट ने भविष्य के ग्रोथ को लेकर कोई खास गाइडेंस नहीं दिया है। कंपनी अब अपनी बैकएंड प्रक्रियाओं को मजबूत करने, सप्लाई चेन को ऑप्टिमाइज़ करने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने और 'Relaxo Parivaar' जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए डिस्ट्रीब्यूटर व रिटेलर एंगेजमेंट को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। हालांकि, स्पेसिफिक गाइडेंस की कमी निवेशकों को थोड़ी चिंता में डाल सकती है, जो अगले क्वार्टर के लिए स्पष्ट ग्रोथ और मार्जिन टारगेट की उम्मीद कर रहे थे।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.