Relaxo Footwears Share Price: Q3 में बंपर Profit, 9 महीने के नतीजे क्यों रहे मिले-जुले?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Relaxo Footwears Share Price: Q3 में बंपर Profit, 9 महीने के नतीजे क्यों रहे मिले-जुले?
Overview

Relaxo Footwears ने नए फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) **6.3%** बढ़कर **₹668.03 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में **26.8%** की जबरदस्त उछाल आई और यह **₹33.65 करोड़** पर पहुंच गया। हालांकि, 9 महीने की बात करें तो PAT में मामूली **0.6%** की गिरावट दर्ज की गई।

Q3 FY26: दमदार नतीजों का पोस्टमार्टम

Relaxo Footwears के लिए Q3 FY26 काफी मजबूत साबित हुई। कंपनी ने ऑपरेशन से ₹668.03 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 6.3% ज्यादा है। सबसे अहम, नेट प्रॉफिट (PAT) में 26.8% की शानदार बढ़त देखी गई और यह ₹33.65 करोड़ पर पहुंच गया। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 8.2% बढ़कर ₹1.06 पर आ गया। यह दिखाता है कि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी रेवेन्यू ग्रोथ से भी ज्यादा तेजी से बढ़ी है, जो मार्जिन में सुधार का संकेत दे सकता है।

9 महीने की परफॉर्मेंस: मिली-जुली तस्वीर

वहीं, 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुए 9 महीनों की बात करें तो कंपनी का रेवेन्यू 6.3% बढ़कर ₹1951.06 करोड़ रहा। लेकिन, नेट प्रॉफिट (PAT) में 0.6% की हल्की गिरावट दर्ज हुई और यह ₹111.49 करोड़ पर आ गया। इसी के साथ, बेसिक EPS में 2.2% की कमी आई और यह ₹4.48 रह गया। 9 महीनों के इस मिले-जुले प्रदर्शन से लगता है कि टॉप-लाइन ग्रोथ तो ठीक है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर कुछ दबाव है।

एक खास खर्च का असर

कंपनी ने ₹5.72 करोड़ का एक अतिरिक्त एम्प्लॉई बेनिफिट्स एक्सपेंस (employee benefits expense) दर्ज किया। यह नया लेबर कोड लागू होने की वजह से हुआ, जिसने 9 महीने के PAT प्रदर्शन पर असर डाला हो सकता है।

क्रेडिट रेटिंग में मजबूती

अच्छी खबर यह है कि ICRA ने Relaxo की लॉन्ग-टर्म रेटिंग को [ICRA] AA (Stable Outlook) और शॉर्ट-टर्म रेटिंग को [ICRA] A 1+ पर बरकरार रखा है। यह कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और कम क्रेडिट रिस्क को दर्शाता है।

आगे की राह: कंपनी ने नहीं बताई कोई गाइडेंस

निवेशकों के लिए एक अहम बात यह है कि कंपनी ने भविष्य को लेकर कोई फॉरवर्ड गाइडेंस (forward guidance) या आउटलुक नहीं दिया है। मैनेजमेंट की ओर से कमेंट्री की कमी के कारण, आने वाली तिमाहियों में ग्रोथ की संभावनाओं, डिमांड ट्रेंड्स और कंपनी की स्ट्रैटेजिक प्राथमिकताओं का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। Investors को आने वाली तिमाहियों में कंपनी की लागत बढ़त और मैनेजमेंट गाइडेंस की कमी के बावजूद रेवेन्यू ग्रोथ को लगातार PAT ग्रोथ में बदलने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखनी होगी।

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