पुरानी टेक्नोलॉजी के सस्ते होने की आम धारणा को आईफोन (iPhone) के पुराने मॉडलों ने तोड़ दिया है। मांग बढ़ने और सप्लाई कम होने की वजह से यूज्ड आईफोन की कीमतें बढ़ रही हैं। लोग अपने फोन ज्यादा समय तक रख रहे हैं, जिससे रीफर्बिश्ड (refurbished) मार्केट में सप्लाई की कमी हो गई है। पहली बार ऐसा हुआ है कि रीफर्बिश्ड मार्केट की डिमांड, नए प्रोडक्शन से ज्यादा हो गई है।
मार्केट में आया बड़ा बदलाव
स्मार्टफोन मार्केट 2026 में एक बड़ा बदलाव देख रहा है: इस्तेमाल किए हुए iPhones की वैल्यू उम्मीद से ज्यादा बनी हुई है। नए मॉडल आने के बावजूद, पुराने iPhones की कीमतें गिर नहीं रही हैं, बल्कि बढ़ रही हैं। यह बजट ग्राहकों और रिटेलर्स दोनों के लिए एक अजीब स्थिति पैदा कर रहा है। यह ग्राहकों के व्यवहार और सप्लाई चेन में एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
रीफर्बिश्ड मार्केट का दबदबा
ऐतिहासिक रूप से, नए स्मार्टफोन मॉडल के आने के साथ ही पुराने फोन की कीमत तेजी से गिरती है। लेकिन, नए डिवाइस की प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ने और Apple इकोसिस्टम की लगातार मांग के कारण यह ट्रेंड उलट गया है। Omdia के डेटा से इस बदलाव का पता चलता है: पहली बार, रीफर्बिश्ड मार्केट के लिए ग्लोबल डिस्प्ले शिपमेंट 298 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया, जो नए स्मार्टफोन निर्माताओं को शिप किए गए 289 मिलियन यूनिट से भी ज्यादा है। यह साबित करता है कि रीफर्बिश्ड सेक्टर अब सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
सप्लाई और डिमांड का फासला
प्रीमियम रीफर्बिश्ड डिवाइस की डिमांड तो हाई है, लेकिन रिटेलर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती सप्लाई की कमी है। ग्राहक अब अपने पुराने स्मार्टफोन को अपग्रेड करने के बजाय, उन्हें ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वजह से Cashify, ControlZ और ReFit Global जैसे प्लेटफॉर्म के लिए सप्लाई जुटाना मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिटेलर्स पुराने फोन खरीदने के लिए काफी ज्यादा कीमत चुका रहे हैं, फिर भी वे खरीदारों की पूरी डिमांड को पूरा करने में संघर्ष कर रहे हैं।
कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
कई कारण इस प्राइस सर्ज (price surge) को बढ़ावा दे रहे हैं। नए स्मार्टफोन की लागत बढ़ गई है, जिसका एक कारण मेमोरी चिप की कमी और अन्य कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतें हैं। जैसे-जैसे नए मॉडल महंगे हो रहे हैं, बहुत से ग्राहक रीफर्बिश्ड, हाई-एंड मॉडल को प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में एंट्री का एक किफायती तरीका मान रहे हैं। इस बदलाव ने यूज्ड मार्केट में कीमतों को एडजस्ट करने पर मजबूर किया है, जहां पुराने मॉडल अब ऐसी कीमत पर बिक रहे हैं जो कुछ समय पहले नए डिवाइस के लिए भी ज्यादा मानी जाती।
निवेशकों और इंडस्ट्री का नजरिया
इस सेक्टर की कंपनियों के लिए सबसे बड़ा जोखिम सप्लाई चेन की अस्थिरता है। ग्राहकों द्वारा स्वेच्छा से अपने पुराने डिवाइस बेचने पर निर्भरता इन्वेंट्री के प्रवाह को अप्रत्याशित बनाती है। अगर ग्राहक अपने फोन को लंबे समय तक रखते हैं, तो डिमांड मजबूत होने के बावजूद रिटेलर्स को मुनाफा कम हो सकता है, क्योंकि खरीद लागत बढ़ रही है। आगे चलकर, इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर नए iPhone की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो रीफर्बिश्ड मार्केट में कीमतें ऊंची बनी रहेंगी। निवेशकों और इंडस्ट्री के जानकारों को इस पर नजर रखनी चाहिए कि क्या ये प्लेटफॉर्म अपनी सप्लाई चेन लॉजिस्टिक्स को सफलतापूर्वक बढ़ा पाएंगे या इन्वेंट्री की यह कमी उनके ग्रोथ पोटेंशियल को सीमित कर देगी।
