फुटवियर कंपनी Redtape ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर ₹2 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। डिविडेंड पाने के लिए निवेशकों को कल यानी एक्स-डिविडेंड (Ex-date) से पहले शेयर खरीदना होगा। कंपनी के नेट प्रॉफिट में भारी बढ़ोतरी ने इस फैसले को सपोर्ट किया है।
Redtape से निवेशकों के लिए खुशखबरी
भारत के फुटवियर और अपैरल मार्केट के बड़े खिलाड़ी, Redtape ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर ₹2.00 का फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है। यह ऐलान शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा, जो कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में होगा। निवेशकों के लिए सबसे अहम जानकारी यह है कि इस डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड (Ex-dividend) तारीख कल, यानी 31 जुलाई, 2026 तय की गई है। डिविडेंड पाने के योग्य होने के लिए, निवेशकों को आज ट्रेडिंग के अंत तक कंपनी के शेयर अपने डीमैट अकाउंट में रखने होंगे।
कंपनी के नतीजों पर एक नज़र
डिविडेंड देने का यह फैसला कंपनी के लिए ग्रोथ के दौर के बाद आया है। वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजों में Redtape ने ₹240.55 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹170.00 करोड़ की तुलना में काफी अच्छी बढ़ोतरी है। कंपनी के रेवेन्यू में भी अच्छी वृद्धि देखी गई, जो FY26 में ₹2,418.77 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि FY25 में यह ₹2,020.91 करोड़ था। हालिया तिमाही में ₹69.88 करोड़ का प्रॉफिट भी डिविडेंड भुगतान के लिए मजबूत वित्तीय आधार प्रदान करता है।
डिविडेंड पॉलिसी और भविष्य की राह
हालांकि, Redtape की डिविडेंड पॉलिसी हमेशा से एक जैसी नहीं रही है। कंपनी ने मार्च 2025 में समाप्त वर्ष के लिए ₹2.25 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था, लेकिन 2024, 2023 और 2022 में कोई डिविडेंड नहीं दिया था। यह बदलाव दर्शाता है कि मैनेजमेंट अब बिजनेस के विस्तार के साथ-साथ शेयरधारकों को रिटर्न देने को प्राथमिकता दे रहा है। लगभग ₹7,284.90 करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली इस कंपनी का यह डिविडेंड, शेयर की हालिया क्लोजिंग कीमत ₹131.78 के आधार पर लगभग 1.52% का यील्ड (Yield) दर्शाता है।
कंपनी एक बेहद प्रतिस्पर्धी लाइफस्टाइल और फुटवियर सेक्टर में काम करती है, जहां ब्रांड की पहचान और नए रिटेल आउटलेट्स का विस्तार सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं। निवेशक इस कंपनी में स्टोर विस्तार पर खर्च और शेयरधारकों को वापस किए जाने वाले पैसे के बीच संतुलन पर नजर रखते हैं। चूंकि रिटेल सेक्टर उपभोक्ता खर्च के रुझानों और इनपुट लागतों के प्रति संवेदनशील है, इसलिए लंबे समय के निवेशकों के लिए लगातार लाभप्रदता (Profitability) महत्वपूर्ण बनी हुई है। भविष्य में, कंपनी की कच्चे माल की लागत और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण से निपटने के साथ-साथ इन लाभ मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता यह निर्धारित करेगी कि आने वाले वर्षों में यह डिविडेंड का रुझान जारी रहता है या नहीं।
