Recode Studios IPO: SME प्लेटफॉर्म पर दमदार शुरुआत
Beauty and Personal Care कंपनी Recode Studios का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 5 मई 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (SME) प्लेटफॉर्म पर खुल गया है। कंपनी 28.22 लाख शेयरों की पेशकश कर ₹44.59 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयरों का प्राइस बैंड ₹150 से ₹158 प्रति शेयर रखा गया है, जो अपर बैंड पर कंपनी को ₹168 करोड़ का वैल्यूएशन देता है।
आकर्षक वैल्यूएशन और कम P/E रेश्यो
खास बात यह है कि कंपनी ने मार्च 2025 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹43.50 करोड़ का प्रॉफिट (Profit) दर्ज किया है। इसके चलते IPO का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो सिर्फ 3.86 के आसपास है। यह BSE SME IPO इंडेक्स के औसत P/E 12.6 से काफी कम है, जो निवेशकों के लिए एक आकर्षक वैल्यूएशन का संकेत देता है। भारतीय Beauty and Personal Care मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जो कंपनी के लिए एक अनुकूल माहौल बनाता है।
IPO फंड्स का इस्तेमाल और ग्रोथ प्लान
IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए करेगी। इसमें ₹5.74 करोड़ से लुधियाना, पंजाब में एक नया वेयरहाउस (Warehouse) स्थापित किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन बेहतर होगी। ₹5.4 करोड़ मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग (Advertising) पर खर्च होंगे, जबकि ₹19.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल (Working Capital) को मजबूत करने के लिए रखे जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य FY26 तक रेवेन्यू को ₹90 करोड़ तक पहुंचाना है, जो FY25 के ₹53 करोड़ से काफी ज्यादा है। Recode Studios अपने 22 स्टोर्स (कंपनी-स्वामित्व और फ्रेंचाइजी) के साथ-साथ ई-कॉमर्स (E-commerce) चैनलों के जरिए विस्तार पर फोकस कर रही है। कंपनी थर्ड-पार्टी मैन्युफैक्चरर्स (Third-party manufacturers) से प्रोडक्शन कराकर एक एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल (Asset-light manufacturing model) अपना रही है।
निवेशकों के लिए प्रमुख जोखिम
हालांकि, निवेशकों को कुछ रिस्क (Risks) पर भी ध्यान देना चाहिए। थर्ड-पार्टी मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता सप्लाई चेन में रुकावट और क्वालिटी कंट्रोल (Quality control) की समस्या खड़ी कर सकती है। FY25 में 90% से ज्यादा और दिसंबर 2025 तक नौ महीनों में 79% के आसपास रही कंपनी की हाई प्रॉफिट मार्जिन्स (Profit margins) की स्थिरता पर भी सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि ग्रोथ और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ इन पर दबाव आ सकता है। प्रमोटर्स की शेयरहोल्डिंग (Shareholding) IPO के बाद 88.93% से घटकर करीब 65.01% हो जाएगी, जो कुछ निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। इसके अलावा, ट्रेडमार्क (Trademark) संबंधी आपत्तियां, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर निर्भरता और Beauty & Personal Care सेक्टर में ज़बरदस्त प्रतिस्पर्धा भी महत्वपूर्ण जोखिम हैं।
