भारत की दमदार परफॉरमेंस ने खींचा ध्यान
Reckitt Benckiser के सीईओ Kris Licht ने बताया कि भारत में डिस्ट्रिब्यूशन (Distribution) बेहतर होने और Harpic व Lizol जैसे ब्रांड्स की सेल्स में सुधार के चलते यह शानदार नतीजे आए हैं। Durex जैसे ब्रांड्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, ग्लोबल स्तर पर 0.6% की मामूली ग्रोथ दर्ज की गई। अगर सर्दी-खांसी के मौसम का असर हटा दें, तो कंपनी का कोर बिज़नेस 3.1% बढ़ा, जिसका बड़ा श्रेय भारत और चीन जैसे इमर्जिंग मार्केट्स (Emerging Markets) को जाता है, जिन्होंने डबल-डिजिट गेन दिखाया। इसके बावजूद, इस खबर के बाद Reckitt के शेयर 5.6% गिरकर करीब 4,644.00 पेंस पर आ गए।
ग्लोबल चुनौतियां बनीं सिरदर्द
भारत और चीन की सफलता के बावजूद, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में कंपनी को दिक्कतें पेश आईं। यूरोप में लाइक-फॉर-लाइक रेवेन्यू 4.2% गिरा, खासकर ऑटो-डिशवॉशिंग सेगमेंट में बढ़ती कॉम्पीटिशन (Competition) और कीमतों के दबाव के कारण। नॉर्थ अमेरिका में 0.9% की गिरावट आई, हालांकि Lysol जैसे नॉन-सीज़नल प्रोडक्ट्स की ग्रोथ ठीक-ठाक रही। भारत में कंज्यूमर स्टेपल्स मार्केट के 6-8% बढ़ने का अनुमान है, और Reckitt का प्रदर्शन इस ट्रेंड के साथ या उससे बेहतर है। वैश्विक स्तर पर, कमोडिटी प्राइस (Commodity Price) में उतार-चढ़ाव एक चिंता का विषय बना हुआ है। तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर कंपनी के 40% रॉ मैटेरियल पर पड़ सकता है।
वित्तीय चिंताएं और आगे का रास्ता
भारत की मजबूत ग्रोथ के बावजूद, ग्लोबल स्तर पर 0.6% की ग्रोथ उम्मीदों से काफी कम है। इमर्जिंग मार्केट्स पर निर्भरता करेंसी और जियोपॉलिटिकल इश्यूज (Geopolitical Issues) जैसे जोखिम लाती है। कंपनी का करंट रेश्यो 0.85 और डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 108.83% कुछ लिक्विडिटी चिंताओं की ओर इशारा करते हैं। शेयर भी अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहा था। एनालिस्ट्स (Analysts) का कहना है कि स्टॉक को 'होल्ड' (Hold) करना चाहिए, जिसका औसत प्राइस टारगेट (Price Target) GBX 6,219.86 है।
कंपनी का भरोसा बरकरार
इन चुनौतियों के बीच, Reckitt Benckiser ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कोर LFL नेट रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 4% से 5% पर बरकरार रखा है। कंपनी को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही से परफॉरमेंस बेहतर होगी, क्योंकि सर्दी-खांसी का मौसम सामान्य होने, नए प्रोडक्ट्स लॉन्च होने (जैसे Mucinex 12-hour Cold and Fever), यूरोप में बेहतर एग्जीक्यूशन और भारत-चीन में ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। मैनेजमेंट का मानना है कि दूसरे हाफ में प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) में सुधार होगा। कंपनी £1 बिलियन के शेयर बायबैक (Share Buyback) प्रोग्राम को भी जारी रखे हुए है, जिसमें से 669 मिलियन का कार्य पूरा हो चुका है।
