Reckitt के इंडिया बिजनेस ने 2026 की तीसरी तिमाही में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी की इस सफलता के पीछे AI-पावर्ड सेल्स स्ट्रैटेजी और Dettol Activ Botany जैसे प्रीमियम प्रोडक्ट्स का बड़ा हाथ है।
ग्रोथ के पीछे का 'सीक्रेट फॉर्मूला'
Reckitt का भारतीय कारोबार ग्लोबल लेवल पर कंपनी के 'डेवलपिंग मार्केट्स' डिवीजन का सबसे मजबूत हिस्सा बना हुआ है, जो अब कंपनी के कुल वैश्विक रेवेन्यू में 44% का योगदान देता है। इस ग्रोथ को गति देने के लिए कंपनी ने अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में बड़ा डिजिटल बदलाव किया है। कंपनी ने AI-इनेबल्ड सेल्स ट्रांसफॉर्मेशन को अपनाया है, जिससे सप्लाई चेन में बर्बादी कम हुई है और रिटेल आउटलेट्स तक पहुंच और भी बेहतर हो गई है।
प्रीमियम सेगमेंट पर बड़ा दांव
कंपनी ने अब साधारण साबुन के दायरे से बाहर निकलकर स्पेशलाइज्ड और प्लांट-बेस्ड हाइजीन प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ा दिया है। Dettol ब्रांड के तहत आए नए प्रीमियम प्रोडक्ट्स का मकसद उन ग्राहकों को आकर्षित करना है जो अब अधिक कीमत पर बेहतर गुणवत्ता वाले विकल्प तलाश रहे हैं।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
बाजार में Hindustan Unilever और Godrej Consumer Products जैसी दिग्गज कंपनियों के बीच कड़ी टक्कर है। कच्चे माल की बदलती कीमतों (Volatile Raw Material Costs) के कारण मार्जिन पर हमेशा दबाव बना रहता है। फिलहाल, निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह ग्रोथ सिर्फ कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से है या वाकई वॉल्यूम (Volume Growth) में भी तेजी आ रही है। आने वाली तिमाहियों में यह साफ हो जाएगा कि क्या Reckitt की यह प्रीमियम रणनीति कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भी खुद को साबित कर पाती है।
