नतीजों के दम पर शेयर में तेज़ी
Raymond के निवेशकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहा। कंपनी के शेयर 6 मई 2026 को 9% से ज़्यादा उछलकर ₹485.00 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए। इसकी मुख्य वजह Q4FY26 के नतीजे थे, जिसमें पिछली तिमाही (Q3FY26) के मुकाबले नेट प्रॉफिट 71.42% बढ़कर ₹12 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही के ₹7 करोड़ था।
साल-दर-साल (YoY) गिरावट ने चिंता बढ़ाई
हालांकि, यह तिमाही उछाल साल-दर-साल (YoY) के आंकड़ों के सामने फीका पड़ गया। Q4FY25 की तुलना में Q4FY26 में नेट प्रॉफिट 53% गिरकर ₹12 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹25 करोड़ था। कंपनी की कुल आय (Total Income) भी साल-दर-साल आधार पर मामूली 2% बढ़कर ₹613 करोड़ रही। इस तेज़ी के बावजूद, बेंचमार्क Nifty 50 में मामूली 0.04% की बढ़ोतरी ही देखने को मिली, जो बताता है कि यह तेज़ी काफी हद तक कंपनी-विशिष्ट थी। शेयर बाज़ार में आज करीब 1.5 करोड़ शेयर ट्रेड हुए, जिनकी वैल्यू ₹74 करोड़ थी, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी का पता चलता है।
पूरे साल का प्रदर्शन और मार्जिन
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें, तो Raymond का नेट प्रॉफिट ₹53 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹52 करोड़ से मामूली 3% ज़्यादा है। पूरे साल में कंपनी की कुल आय 10% बढ़कर ₹2,312 करोड़ हो गई। कंपनी ने बताया कि एयरोस्पेस (Aerospace), डिफेंस (Defence) और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी (Precision Technology) जैसे सेगमेंट्स में अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई।
हालांकि, Q4FY26 के लिए EBITDA (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation, and Amortisation) में साल-दर-साल 14% की गिरावट आई और यह ₹85 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹99 करोड़ था। EBITDA मार्जिन भी घटकर 13.9% रह गया, जो पिछले साल 16.4% था। इसके पीछे कम नॉन-ऑपरेटिंग इनकम भी एक वजह बताई जा रही है।
सेक्टर, वैल्यूएशन और भविष्य की राह
Raymond का एयरोस्पेस, डिफेंस और ऑटो कंपोनेंट्स में बढ़ना इसे भारत के एपैरल (Apparel) और टेक्सटाइल (Textile) सेक्टर में एक ख़ास पहचान देता है। यह मार्केट 2030 तक $193 अरब तक पहुंचने का अनुमान है।
Raymond का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई (₹1,603.80, 8 मई 2025) से करीब 70% नीचे ट्रेड कर रहा है। हालांकि, यह अपने 52-हफ्ते के लो (₹320.00, 30 मार्च 2026) से 51% रिकवर हो चुका है। विश्लेषक (Analysts) अभी भी इस स्टॉक पर बुलिश (Bullish) हैं। उनका कन्सेंसस 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग का है और 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस ₹739.00 है, जो मौजूदा स्तरों से 50% से ज़्यादा की अपसाइड दिखाता है।
चिंताएं और मजबूती
इन सब सकारात्मक बातों के बावजूद, कुछ गहरी चिंताएं बनी हुई हैं। Q4FY26 में साल-दर-साल नेट प्रॉफिट में 53% की गिरावट, EBITDA में 14% की कमी और मार्जिन का सिकुड़ना (compression) कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल खड़े करता है। पिछले पांच सालों में कंपनी की सेल्स ग्रोथ -8.49% रही है। यह ज़रूर है कि Raymond पर कोई कर्ज नहीं है और कंपनी के पास ₹68 करोड़ का कैश सरप्लस है।
मैनेजमेंट का फोकस अब एयरोस्पेस, डिफेंस और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी जैसे सेगमेंट्स को बढ़ाने पर है, जिनसे भविष्य में ग्रोथ की उम्मीद है।
