Radico Khaitan के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने जून तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट (Net Profit) में **26.98%** का शानदार इजाफा दर्ज किया है, जिसके बाद सोमवार सुबह शेयर में **2.01%** की तेजी देखी गई। इसके साथ ही, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए फाइनल डिविडेंड (Dividend) को बढ़ाकर **₹9** प्रति शेयर करने का भी ऐलान किया है, जिससे निवेशकों का उत्साह और बढ़ गया है।
जून तिमाही में शानदार नतीजे
Radico Khaitan ने जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले तिमाही के मुकाबले 11.97% बढ़कर ₹1,683.69 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 26.98% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ यह ₹222.43 करोड़ तक पहुंच गया।
कंपनी का प्रदर्शन पूरे वित्तीय वर्ष 2026 में भी मजबूत बना रहा, जहां रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 24.72% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹6,050.43 करोड़ रहा।
मजबूत बैलेंस शीट और कैश फ्लो
वित्तीय सेहत को सुधारने की कंपनी की कोशिशें रंग ला रही हैं। रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) बढ़कर 18.23% हो गया है, और डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) 0.10 के आरामदायक स्तर पर बना हुआ है। मार्च 2026 में ऑपरेटिंग एक्टिविटीज (Operating Activities) से कैश जनरेशन (Cash Generation) में भी भारी उछाल आया, जो पिछले साल के ₹362 करोड़ से बढ़कर ₹742 करोड़ हो गया। इसी मजबूत कैश फ्लो की वजह से कंपनी अपने डिविडेंड भुगतान को बढ़ाने में सक्षम हुई है।
डिविडेंड और कॉर्पोरेट एक्शन
शेयरधारकों को प्रति शेयर ₹9.00 का फाइनल डिविडेंड मिलेगा, जिसकी घोषणा मई 2026 में हुई थी और यह जुलाई के अंत में प्रभावी हुआ। यह 2025 में दिए गए ₹4.00 प्रति शेयर के डिविडेंड से काफी ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में उन शेयरधारकों को याद दिलाया है जिनके क्लेम न किए गए डिविडेंड और संबंधित शेयर इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड अथॉरिटी (Investor Education and Protection Fund Authority) में ट्रांसफर किए जाने हैं।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण?
हालांकि कंपनी के नतीजे मजबूत रहे हैं, निवेशकों को भारतीय स्पिरिट्स इंडस्ट्री (Indian spirits industry) की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों पर भी नजर रखनी चाहिए। यह सेक्टर राज्य-स्तरीय उत्पाद शुल्क (excise duty) में बदलाव और अनाज व कांच जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से काफी प्रभावित होता है। जैसे-जैसे कंपनी का विस्तार जारी है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वह इन इंडस्ट्री दबावों के बीच अपने वर्तमान प्रॉफिट मार्जिन (profit margin) को बनाए रख पाती है। प्रीमियम सेगमेंट में ब्रांड प्रदर्शन और राज्य की शराब नीतियों में किसी भी बदलाव का प्रभाव निवेशकों के लिए भविष्य में महत्वपूर्ण रहेगा।
