Radico Khaitan के शेयरों में पिछले 6 महीनों में **56%** की ज़बरदस्त तेजी आई है। यह तेजी United Spirits जैसे प्रतिद्वंद्वियों से काफी बेहतर है, जिसकी मुख्य वजह प्रीमियम शराब की बढ़ती मांग है। कंपनी के Prestige & Above सेगमेंट से अब **70%** रेवेन्यू आ रहा है, जिसके चलते मैनेजमेंट ने 2027 फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ग्रोथ अनुमानों को बढ़ाया है।
6 महीने में 56% चढ़ा Radico Khaitan का शेयर
भारतीय एल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर में Radico Khaitan का प्रदर्शन शानदार रहा है। पिछले 6 महीनों में कंपनी के शेयर की कीमत में 56% का उछाल आया है। यह ग्रोथ United Spirits के 12% के इजाफे और United Breweries के 2% की गिरावट से काफी आगे है। कंपनी का ज्यादा कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस इस तेजी का मुख्य कारण है। नतीजतन, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का भरोसा भी बढ़ा है, जिन्होंने जून 2026 के अंत तक अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 28.08% कर ली है।
प्रीमियम प्रोडक्ट्स से रेवेन्यू में भारी बढ़ोतरी
कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटेजी Prestige & Above पोर्टफोलियो पर केंद्रित है, जिसमें Magic Moments vodka और प्रीमियम सिंगल माल्ट जैसे ब्रांड शामिल हैं। यह सेगमेंट कंपनी के लिए कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन गया है, जो कुल रेवेन्यू का लगभग 70% और कुल बिक्री वॉल्यूम का आधा हिस्सा देता है। 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में, कंपनी ने कुल 10 मिलियन केस बेचे। इनमें से Prestige & Above सेगमेंट में 35.8% की भारी वॉल्यूम ग्रोथ देखी गई, जिससे 5.22 मिलियन केस बिके। इस दमदार परफॉरमेंस से कंपनी ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया है।
मार्जिन मैनेजमेंट और कर्ज में कमी
कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, Radico Khaitan ने तिमाही-दर-तिमाही अपने ग्रॉस मार्जिन में सुधार किया है। इसकी वजह बेहतर प्रोडक्ट मिक्स (ज्यादा महंगी चीजें बेचना) और Extra Neutral Alcohol (शराब उत्पादन का अहम कच्चा माल) की अनुकूल कीमतें हैं। इसके अलावा, कंपनी की वित्तीय सेहत कर्ज घटाने पर ध्यान केंद्रित करने से भी सुधर रही है। मैनेजमेंट ने जल्द से जल्द नेट डेट-फ्री (कर्ज-मुक्त) बनने का लक्ष्य रखा है, जिसे मार्केट ने सकारात्मक रूप से लिया है।
आगे, मैनेजमेंट ने 2027 फाइनेंशियल ईयर के लिए Prestige & Above सेगमेंट के ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 25% से अधिक कर दिया है, जबकि पहले यह 20% रहने की उम्मीद थी। कंपनी EBITDA मार्जिन, जो ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी का एक प्रमुख पैमाना है, को लगभग 20% पर बनाए रखने का लक्ष्य रखती है।
निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी प्रीमियम कैटेगरी में आक्रामक विस्तार और कर्ज कम करने के अपने लक्ष्य को कैसे संतुलित करती है। आने वाली तिमाहियों में, कच्चे माल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव के बीच मार्जिन की स्थिरता और प्रतिस्पर्धी भारतीय शराब बाजार में वॉल्यूम ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
