प्रीमियम सेगमेंट बना ग्रोथ का इंजन
कंपनी की Q3 FY26 की रिपोर्ट के मुताबिक, Radico Khaitan के Prestige & Above (P&A) सेगमेंट ने 26% वॉल्यूम ग्रोथ और 29% वैल्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो इसके कुल पोर्टफोलियो ग्रोथ से कहीं आगे है। कच्चे माल (Grain, ENA, Glass) की लागत में आई कमी और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स के चलते कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 349 बेसिस पॉइंट्स बढ़ गया। इसी का नतीजा है कि एडवरटाइजिंग और सेल्स प्रमोशन पर खर्च बढ़ाने के बावजूद EBITDA मार्जिन सुधरकर 17.2% पर पहुंच गया, जो कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
प्रीमियम ब्रांड्स ने बढ़ाई नेट सेल्स, रेगुलर सेगमेंट भी मजबूत
कंपनी की नेट सेल्स में 19.5% का सालाना उछाल आया और यह ₹1,547 करोड़ पर पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण 16.6% वॉल्यूम ग्रोथ रहा। Royal Ranthambore Whisky और After Dark Whisky जैसे प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम ब्रांड्स इस ग्रोथ में सबसे आगे रहे। वहीं, रेगुलर सेगमेंट में भी कंपनी ने अच्छी पकड़ बनाए रखी, जहां वॉल्यूम में 33% की ग्रोथ देखी गई। खासकर आंध्र प्रदेश में कंपनी का मार्केट शेयर एक साल में 15% से बढ़कर 26% हो गया है।
वैल्यूएशन की चिंता और बढ़ती प्रतिस्पर्धा
जहां एक ओर Radico Khaitan के नतीजे मजबूत दिख रहे हैं, वहीं इसके स्टॉक का वैल्यूएशन निवेशकों के लिए एक बड़ा सवाल है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) P/E रेश्यो करीब 70-85x है, जो भारतीय बेवरेज सेक्टर के औसत 18.61x से काफी ऊपर है। इसके मुकाबले Globus Spirits का P/E 32-33x और United Spirits का 55-70x के आसपास है। कंपनी का फॉरवर्ड P/E 48.07x है, जो भविष्य में मजबूत कमाई की उम्मीद तो दिखाता है, पर यह भी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ही है।
भारतीय अल्कोहलिक बेवरेज मार्केट में 11.2% CAGR से ग्रोथ का अनुमान है, लेकिन यह सेक्टर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी सामना कर रहा है। भविष्य में यूके और ईयू के साथ संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) से आयातित स्कॉच व्हिस्की से मुकाबला बढ़ सकता है, हालांकि राज्य के नियम इस पर कुछ हद तक लगाम लगा सकते हैं।
महंगे वैल्यूएशन का जोखिम
कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के बावजूद, 70-85x का TTM P/E रेश्यो काफी ज्यादा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर की कीमत में भविष्य की अधिकांश ग्रोथ पहले से ही शामिल है। अगर प्रीमियम सेगमेंट की ग्रोथ धीमी पड़ती है या इनपुट कॉस्ट अप्रत्याशित रूप से बढ़ती है, तो कंपनी के प्रॉफिट अनुमानों पर असर पड़ सकता है, जिससे मार्जिन पर दबाव आएगा और स्टॉक का वैल्यूएशन भी गिर सकता है। कंपनी FY27 तक कर्ज-मुक्त होने का लक्ष्य रखती है, लेकिन इसके लिए लगातार अच्छी कमाई बनाए रखना जरूरी होगा।
MarketsMOJO ने हाल ही में मिले-जुले टेक्निकल सिग्नल्स और वैल्यूएशन चिंताओं के चलते स्टॉक को 'होल्ड' पर डाउनग्रेड किया है। प्रीमियम सेगमेंट पर अधिक निर्भरता कंपनी को आर्थिक मंदी के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकती है, खासकर जब विवेकाधीन खर्चों पर असर पड़ता है।
भविष्य की राह और एनालिस्ट्स की राय
मैनेजमेंट का मानना है कि प्रीमियम सेगमेंट ग्रोथ का मुख्य चालक बना रहेगा और मार्जिन में लगातार सुधार देखने को मिलेगा। कंपनी अगले दो सालों में सालाना लगभग 125 बेसिस पॉइंट्स मार्जिन सुधार का अनुमान लगा रही है, और EBITDA मार्जिन को हाई टीन्स में ले जाने का लक्ष्य है।
ज्यादातर एनालिस्ट्स अभी भी कंपनी को लेकर सकारात्मक हैं। 16 में से 18 एनालिस्ट्स ने इसे 'बाय' या 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग दी है, और कंसेंसस प्राइस टारगेट 33% से अधिक के अपसाइड का संकेत देता है। कंपनी की स्कॉटिश सब्सिडियरी स्थापित करने की योजनाएं प्रीमियम व्हिस्की क्षमताओं को बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हैं। हालांकि, वर्तमान प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराने और निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए लगातार मजबूत प्रदर्शन और अनुकूल बाजार स्थितियां महत्वपूर्ण होंगी।
