Radico Khaitan के नतीजों ने निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **76%** बढ़कर **₹229.6 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे भारत में वोदका (Vodka) के बढ़ते चलन का बड़ा हाथ है।
भारत के शराब बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां अब ग्राहक पारंपरिक व्हिस्की को छोड़कर 'व्हाइट स्पिरिट्स' यानी वोदका की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, वोदका का मार्केट शेयर जो 2025 में 3.8% था, वह अगस्त 2026 तक बढ़कर 6.1% हो गया है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा Radico Khaitan को मिल रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹229.6 करोड़ रहा है, जो सालाना आधार पर 76% की भारी बढ़ोतरी है। साथ ही, कंपनी के रेवेन्यू में भी 10.4% की ग्रोथ दर्ज की गई है। रिपोर्ट के समय शेयर का भाव लगभग ₹4,605 के आसपास था।
प्रीमियम सेगमेंट पर कंपनी का दांव
Radico Khaitan अब अपने मार्जिन को बेहतर बनाने के लिए 'प्रीमियम और उससे ऊपर' वाले पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। लो-प्राइस सेगमेंट पर निर्भरता कम करने के लिए कंपनी ने हाल ही में 'Magic Moments Aam Panna' जैसा प्रोडक्ट लॉन्च किया है, ताकि फ्लेवर्ड वोदका के बाजार पर अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।
रिस्क फैक्टर्स और चुनौतियां
हालांकि कंपनी का परफॉर्मेंस शानदार रहा है, लेकिन शराब उद्योग से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता:
- सरकारी नीतियां: शराब पर राज्य सरकारों के कड़े नियम, टैक्स और डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी कंपनी के मुनाफे पर सीधा असर डाल सकते हैं।
- कमोडिटी का दबाव: ग्लास और अनाज की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी की लागत को बढ़ा सकते हैं।
- प्रतिस्पर्धा: ग्लोबल और नए उभरते हुए ब्रांड्स से प्रीमियम सेगमेंट में तगड़ी चुनौती मिल रही है।
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने मार्जिन को भविष्य में कैसे बरकरार रखती है और सरकारी एक्साइज पॉलिसी में आने वाले बदलावों का उन पर क्या असर पड़ता है।
