Radico Khaitan ने अपने 'Magic Moments' वोडका पोर्टफोलियो का विस्तार किया है और 'आम पन्ना' फ्लेवर को लॉन्च किया है। यह नया प्रोडक्ट फिलहाल 14 राज्यों में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी के साथ, कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे शानदार रहे हैं, जिसमें मुनाफे में साल-दर-साल **75.9%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही तक नेट डेट-फ्री (Net Debt-Free) होने के अपने लक्ष्य की ओर भी तेजी से बढ़ रही है।
'आम पन्ना' फ्लेवर के साथ Radico Khaitan का नया अवतार!
Radico Khaitan ने भारतीय स्वाद 'आम पन्ना' से प्रेरित होकर 'Magic Moments Aam Panna' नाम से एक नया फ्लेवर्ड वोडका पेश किया है। यह नया उत्पाद 'Flavours of India' रेंज का हिस्सा है, जिसमें पहले से ही Alphonso Mango और Jamun SpicyMint जैसे फ्लेवर शामिल हैं। कंपनी की यह रणनीति, भारतीय स्वाद को भुनाकर नए ग्राहकों को आकर्षित करने और भीड़ भरे स्पिरिट मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाने की है। यह प्रोडक्ट फिलहाल 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लॉन्च किया जा रहा है।
शानदार वित्तीय प्रदर्शन जारी
यह लॉन्च ऐसे समय में आया है जब कंपनी जबरदस्त ग्रोथ दिखा रही है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में, Radico Khaitan ने ₹229.6 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 75.9% अधिक है। कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी (EBITDA margin) 20.7% रही। फ्लेवर्ड वोडका कंपनी के प्रदर्शन का एक अहम हिस्सा है, जो अब कंपनी के कुल वोडका वॉल्यूम का 75% से अधिक है। Magic Moments ब्रांड का भारत में अनुमानित 60% मार्केट शेयर है, जो Radico Khaitan को घरेलू वोडका सेगमेंट में एक बड़ी कंपनी बनाता है।
कर्ज घटाने की दिशा में कदम
प्रोडक्ट इनोवेशन के अलावा, निवेशक कंपनी की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रेटेजी पर भी नजर रख रहे हैं। Radico Khaitan ने अपने कर्ज को कम करने पर जोर दिया है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान, कंपनी ने अपने नेट डेट में ₹138 करोड़ की कमी की, जिससे कुल कर्ज घटकर ₹106 करोड़ रह गया। कंपनी ने सार्वजनिक रूप से वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही तक नेट डेट-फ्री (Net Debt-Free) होने का लक्ष्य रखा है, जिससे कंपनी की बैलेंस शीट की सेहत और वित्तीय लचीलापन बेहतर हो सकता है।
जोखिम और आगे की राह
हालांकि कंपनी अपनी ब्रांड उपस्थिति का विस्तार कर रही है, लेकिन लिकर बिजनेस में कुछ अंतर्निहित जोखिम भी हैं। यह उद्योग राज्य-स्तरीय नीतिगत बदलावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जिसका असर विभिन्न क्षेत्रों में मूल्य निर्धारण, वितरण और करों पर पड़ सकता है। इसके अलावा, इस क्षेत्र की कंपनियां कच्चे माल और पैकेजिंग लागत में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करती हैं। निवेशकों के लिए आगे की निगरानी योग्य प्रमुख बातों में कंपनी की नेट डेट-फ्री लक्ष्य हासिल करने की क्षमता, आम पन्ना जैसे नए उत्पादों की मार्केट शेयर कैप्चर करने में सफलता और कच्चे माल की लागत के दबाव को कंपनी कैसे प्रबंधित करती है, यह शामिल है।
