Radico Khaitan Limited, जो कि भारतीय Made Foreign Liquor (IMFL) मार्केट की एक बड़ी कंपनी है, में एक बड़ा लीडरशिप बदलाव होने वाला है। कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO), मिस्टर अमर सिन्हा, 31 मार्च 2026 से अपना पद छोड़ देंगे। यह उनके लिए कंपनी में एक लंबे सफर का अंत है।
मिस्टर सिन्हा, जो FMCG और Alco-Bev सेक्टर में तीन दशक से ज़्यादा का अनुभव रखते हैं, 2016 में Radico Khaitan से फिर जुड़े थे और 2017 में COO बने। उन्होंने कंपनी की 'प्रीमियमाइजेशन' स्ट्रैटेजी और ऑपरेशन्स को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अपने 'Prestige & Above' (P&A) कैटेगरी के ब्रांड्स को मजबूत किया, जो अब सेल्स और प्रॉफिट का एक बड़ा हिस्सा हैं।
हालांकि, सिन्हा का जाना ऐसे समय में हो रहा है जब Radico Khaitan एक गंभीर जांच का सामना कर रही है। भारत के Comptroller and Auditor General (CAG) की एक रिपोर्ट में साल 2013-14 से 2019-20 के बीच ₹1,078 करोड़ (ब्याज सहित) की टैक्स चोरी का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में इनपुट एक्साइज मटेरियल की निगरानी में कथित खामियों के चलते सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का इल्जाम है। कंपनी ने अपना पक्ष रखने की बात कही है, लेकिन यह रेगुलेटरी मसला कंपनी के ऑपरेशन्स पर छाया हुआ है।
इस डेवलपमेंट का एक और बड़ा पहलू यह है कि मिस्टर सिन्हा अब Allied Blenders and Distillers Ltd (ABD) का हिस्सा बनेंगे, जो Radico Khaitan का एक सीधा कंपीटिटर (Competitor) है। ABD, 'Officer's Choice Whisky' के लिए जानी जाती है और प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। सिन्हा के अनुभव का फायदा ABD को प्रीमियम ग्रोथ और मार्केट एग्जीक्यूशन में मिल सकता है।
नेतृत्व परिवर्तन और रेगुलेटरी चुनौतियों के बावजूद, Radico Khaitan ने हाल की तिमाहियों में अच्छी परफॉरमेंस दिखाई है। Q3 फाइनेंशियल ईयर 26 (दिसंबर 2025 में समाप्त) के नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट 62% बढ़कर ₹155 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 19.5% बढ़कर ₹1,546 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 17.3% हो गया, जो कॉस्ट कटिंग और प्रीमियम स्ट्रैटेजी की सफलता को दर्शाता है।
कंपनी डेट कम करने पर भी फोकस कर रही है और फाइनेंशियल ईयर 27 तक लगभग डेट-फ्री होने का लक्ष्य रखती है।
Radico Khaitan के लिए सबसे बड़ा रिस्क टैक्स चोरी के आरोप हैं, जो ₹1,078 करोड़ तक के हो सकते हैं। इससे आगे चलकर रेगुलेटरी जांच और जुर्माने का खतरा बना हुआ है। मिस्टर सिन्हा जैसे प्रमुख एग्जीक्यूटिव का जाना, जिन्होंने स्ट्रैटेजी और ऑपरेशन्स में खास भूमिका निभाई, एक अस्थायी गैप पैदा कर सकता है। कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्मूथ सक्सेशन प्लान हो।
भारतीय स्पिरिट्स मार्केट बहुत कॉम्पिटिटिव है, जिसमें United Spirits, Pernod Ricard India और ABD जैसी कंपनियां शामिल हैं। प्रीमियमाइजेशन का ट्रेंड जोरों पर है, जहां कंज्यूमर्स महंगे और क्वालिटी वाले ड्रिंक्स की ओर बढ़ रहे हैं।
निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि Radico Khaitan इस लीडरशिप ट्रांजिशन और टैक्स जांच के बीच अपनी प्रीमियम ग्रोथ स्ट्रैटेजी को कैसे जारी रखती है।