RBZ Jewellers Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में शानदार प्रदर्शन करते हुए साल-दर-साल (YoY) रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट (PAT) में ज़बरदस्त ग्रोथ दर्ज की है।
31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी का रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹226 करोड़ रहा। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह रिटेल सेगमेंट से आई ₹155 करोड़ की आय रही, जिसमें 39% का ज़बरदस्त उछाल देखा गया। यह कंपनी के बिजनेस-टू-कंज्यूमर (B2C) रणनीति पर फोकस को दर्शाता है।
EBITDA में 36% YoY की बढ़ोतरी के साथ यह ₹30 करोड़ तक पहुंचा, जबकि EBITDA मार्जिन 184 बेसिस पॉइंट बढ़कर 13.04% हो गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट (PAT) 33% YoY की बढ़त के साथ ₹17 करोड़ रहा, और PAT मार्जिन 7.69% दर्ज किया गया। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (9MFY26) में भी कंपनी ने दमदार मोमेंटम दिखाया, जिसमें रेवेन्यू 14% YoY बढ़कर ₹447 करोड़ और PAT 43% YoY बढ़कर ₹43 करोड़ रहा।
इन शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद, RBZ Jewellers ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने पूरे साल के रेवेन्यू अनुमान को घटाकर ₹630-650 करोड़ कर दिया है, जो पहले ₹700 करोड़ था। कंपनी का कहना है कि नए स्टोरों के खुलने में हुई देरी की वजह से इस साल की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में उनका योगदान उम्मीद से कम रहेगा।
हालांकि, कंपनी ने FY27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में गुजरात के सूरत ( 10,000 वर्ग फुट ) और राजकोट ( 12,000 वर्ग फुट ) में दो बड़े फ्लैगशिप स्टोर, और पूर्वी अहमदाबाद में दो मध्यम आकार के स्टोर खोलने की योजना बनाई है। यह कदम मार्केटिंग के असर और निवेश पर रिटर्न को बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है, जो पीक ज्वैलरी सीजन के साथ मेल खाएगा।
कंपनी के B2C पर फोकस का असर सेगमेंटल नतीजों में साफ दिख रहा है। जहां रिटेल रेवेन्यू में ज़बरदस्त उछाल आई, वहीं थोक (wholesale) सेगमेंट के रेवेन्यू में Q3 FY26 में 12% YoY की गिरावट देखी गई, और जॉब वर्क रेवेन्यू में भी भारी कमी आई। 9 महीने के लिए, रिटेल रेवेन्यू 24% YoY बढ़ा, जबकि थोक में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
आगे देखते हुए, RBZ Jewellers ने FY27 के लिए ₹800-900 करोड़ का रेवेन्यू और ₹55-60 करोड़ का PAT हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। नए स्टोरों के विस्तार के लिए कंपनी को लगभग ₹250 करोड़ के इन्वेंटरी की ज़रूरत पड़ेगी, जिसका वित्तपोषण मौजूदा बैंक सेंक्शन, आंतरिक फंड और डेट के ज़रिए किया जाएगा।
मैनेजमेंट ने हल्के गहनों (lightweight jewellery) पर जोर देने और 'लुक-टू-वेट' अनुपात को बेहतर बनाने की बात कही है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके। कंपनी अवसर-आधारित उपयोग के लिए 18-कैरेट ज्वैलरी का ट्रायल भी कर रही है और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए हल्के डिज़ाइन विकसित कर रही है।
इस आक्रामक रिटेल विस्तार योजनाओं के कार्यान्वयन में सबसे बड़ा जोखिम है, खासकर नए स्टोर खुलने में देरी के कारण FY26 रेवेन्यू गाइडेंस में हालिया समायोजन को देखते हुए। थोक रेवेन्यू में लगातार गिरावट भी एक चुनौती है, जिसे B2C ग्रोथ से पूरा करना होगा। इसके अलावा, नए स्टोरों के लिए ज़रूरी ₹250 करोड़ के इन्वेंटरी के लिए सावधानीपूर्वक वित्तीय प्रबंधन और कर्ज पर निर्भरता की ज़रूरत होगी। निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि B2C रणनीति महत्वाकांक्षी भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे बढ़ा पाती है।
भारतीय ज्वैलरी मार्केट में RBZ Jewellers का मुकाबला Titan Company (Tanishq), Kalyan Jewellers, Senco Gold & Diamonds और PC Jeweller जैसे स्थापित खिलाड़ियों से है। Titan, मार्केट लीडर होने के नाते, अपने विशाल रिटेल नेटवर्क और ब्रांड पर भरोसे के दम पर लगातार मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दिखा रहा है। Kalyan Jewellers भी तेज़ी से अपने रिटेल फुटप्रिंट का विस्तार कर रहा है। RBZ Jewellers का Q3 प्रदर्शन प्रतिशत ग्रोथ के मामले में प्रभावशाली है, लेकिन इसका रेवेन्यू बेस काफी छोटा है। Competitors जैसे Titan और Kalyan पहले ही B2C में मजबूत स्थिति बना चुके हैं। RBZ की मौजूदा रणनीति अपने मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का लाभ उठाते हुए डायरेक्ट कंज्यूमर पहुंच को बढ़ाकर उसी सफलता को दोहराने का लक्ष्य रखती है।