Quick Commerce प्लेटफॉर्म्स पर इस साल Raksha Bandhan के दौरान प्रीमियम गिफ्ट्स की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया है। ग्राहकों ने गोल्ड कॉइन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महंगे तोहफों को जमकर खरीदा, लेकिन मुनाफे को लेकर चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।
बदल गया त्योहार मनाने का तरीका
साल 2026 के रक्षाबंधन त्योहार ने भारतीय क्विक कॉमर्स मार्केट में उपभोक्ता व्यवहार में एक बड़ा बदलाव दिखाया है। अब ग्राहक सिर्फ ग्रॉसरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि Flipkart Minutes और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग प्रीमियम गिफ्ट्स के लिए कर रहे हैं।
Flipkart Minutes ने अपनी कुल शॉपिंग वॉल्यूम में 3 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि राखी से जुड़ी बिक्री में 20 गुना का भारी उछाल आया है। Swiggy Instamart पर भी प्रीमियम राखी की मांग 20 गुना बढ़ गई है। अब लोग इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए चांदी के डिजाइन, सोने के सिक्के, स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स जैसे महंगे गिफ्ट्स मंगा रहे हैं।
छोटे शहरों में बढ़ रही रफ्तार
यह ट्रेंड केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। Meesho के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की कुल बिक्री में 38% का इजाफा हुआ है, जिसमें से 73% ऑर्डर बड़े महानगरों के बाहर (Tier-2 और Tier-3 शहरों) से आए हैं। यह साबित करता है कि प्रीमियम और क्विक फेस्टिव गिफ्टिंग की मांग अब पूरे भारत में फैल चुकी है।
निवेशकों के लिए चिंता और चुनौती
तेजी से बढ़ती बिक्री के पीछे का कड़वा सच 'कॉस्ट मैनेजमेंट' है। 10 से 30 मिनट में सामान पहुंचाने के लिए 'डार्क स्टोर्स' का घना नेटवर्क बनाए रखना काफी महंगा साबित हो रहा है। इसी के चलते Zepto ने फ्री डिलीवरी की सीमा बढ़ाकर ₹299 कर दी है।
निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये कंपनियां वॉल्यूम को असल मुनाफे में बदल पाएंगी? हाई कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट और डार्क स्टोर्स का खर्च एक बड़ी चुनौती है। आने वाले समय में इन प्लेटफॉर्म्स के 'यूनिट इकोनॉमिक्स' और मार्जिन पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
