पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नॉन-डेयरी 'Analogue Paneer' के उत्पादन और बिक्री पर **1 साल** का प्रतिबंध लगा दिया है। हालिया जांच में **42%** सैंपल नकली पाए गए थे, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।
पंजाब के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने राज्य में नॉन-डेयरी 'Analogue Paneer' के निर्माण, स्टोरेज और बिक्री पर 27 अगस्त, 2026 से पूरी तरह रोक लगा दी है। यह कार्रवाई तब हुई जब लैबोरेटरी टेस्ट में सामने आया कि राज्य में बिकने वाले पनीर के लगभग 42% सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
ये नकली उत्पाद FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) द्वारा तय किए गए पोषण और सामग्री के मानकों को पूरा नहीं करते थे। असली दूध के बजाय इन उत्पादों में वनस्पति वसा (Vegetable fats) और हानिकारक एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो उपभोक्ताओं की सेहत के लिए बड़ा खतरा हैं।
बिजनेस पर क्या होगा असर?
इस प्रतिबंध के बाद रेस्टोरेंट्स, कैटरर्स और फूड मैन्युफैक्चरर्स के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। जो कंपनियां लागत कम करने के लिए इन सस्ते विकल्पों पर निर्भर थीं, उन्हें अब अनिवार्य रूप से असली डेयरी पनीर की ओर शिफ्ट होना होगा। 'Food Safety and Standards Act, 2006' के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और बिजनेस बंद होने तक की कार्रवाई हो सकती है।
अन्य राज्यों की राह पर पंजाब
पंजाब से पहले छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने भी 'Analogue Paneer' पर बैन लगा रखा है। त्योहारों और शादियों के सीजन से पहले देश भर में नकली डेयरी उत्पादों पर लगाम कसने के लिए यह एक बड़ी मुहिम मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए नजरिया यह है कि खाद्य सेवा क्षेत्र (Food service industry) में इनपुट कॉस्ट बढ़ सकती है, क्योंकि उन्हें अब महंगे और असली डेयरी उत्पादों का उपयोग करना होगा। वहीं, शुद्ध दूध आधारित उत्पादों वाली डेयरी कंपनियों की डिमांड में तेजी देखने को मिल सकती है।
