Eume का बड़ा दांव: 30 नए स्टोर खोलकर रिटेल में एंट्री, क्या प्रीमियम लगेज मार्केट पर कब्जा होगा?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Eume का बड़ा दांव: 30 नए स्टोर खोलकर रिटेल में एंट्री, क्या प्रीमियम लगेज मार्केट पर कब्जा होगा?

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Eume, प्रीमियम D2C लगेज और ट्रैवल एक्सेसरीज ब्रांड, अब फिजिकल रिटेल में आक्रामक तरीके से उतर रहा है। कंपनी अगले 15 महीनों में 30 स्टोर खोलने की योजना बना रही है। यह कदम उन डिजिटल-फर्स्ट भारतीय ब्रांडों के बढ़ते चलन को दिखाता है जो प्रीमियम ट्रैवल मार्केट में अपनी जगह बनाना चाहते हैं।

क्या हुआ?

Eume Lifestyle, जो मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी है और लगेज व ट्रैवल एक्सेसरीज बनाती है, ने अपने फिजिकल रिटेल फुटप्रिंट को बढ़ाने की बड़ी घोषणा की है। कंपनी अगले 12 से 15 महीनों में 30 स्टोर खोलने का लक्ष्य लेकर चल रही है। फिलहाल, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में कुछ ही आउटलेट चलाने वाली Eume, अब डिजिटल-फर्स्ट डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) मॉडल से ओमनीचैनल बिजनेस की ओर बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य इस फाइनेंशियल ईयर में ₹85-90 करोड़ का रेवेन्यू कमाना है, ताकि भारत के प्रीमियम ट्रैवल सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके।

बिजनेस स्ट्रैटेजी के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?

D2C ब्रांडों के लिए फिजिकल रिटेल में आना एक अहम पड़ाव है। जहां सिर्फ ऑनलाइन मॉडल शुरुआती ग्रोथ देते हैं, वहीं उन्हें कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (ग्राहक पाने की लागत) का दबाव झेलना पड़ता है और प्रीमियम लगेज खरीदारों को वह फिजिकल 'टच-एंड-फील' का अनुभव नहीं मिल पाता जिसकी वे तलाश करते हैं। 30 स्टोर खोलकर, Eume खुद को 'ब्रिज टू लग्जरी' के तौर पर स्थापित करना चाहती है, ताकि भारतीय यात्रियों को आकर्षित कर सके जो खरीदने से पहले प्रोडक्ट की क्वालिटी, वजन और डिजाइन को जांचना चाहते हैं। यह ओमनीचैनल अप्रोच ब्रांड को ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने और एंट्री-लेवल ट्रैवल गियर की तुलना में अपने प्रीमियम प्राइसिंग को सही ठहराने में मदद कर सकती है।

भारतीय लगेज मार्केट में बदलाव

भारत का लगेज सेक्टर इस वक्त बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दशकों तक VIP इंडस्ट्रीज और सफारी इंडस्ट्रीज जैसे पुराने खिलाड़ी अपने विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के दम पर मार्केट पर हावी रहे। लेकिन हाल के वर्षों में, Mokobara, Eume और अन्य D2C स्टार्टअप्स ने इस मार्केट को नया रूप दिया है। इन नए खिलाड़ियों ने सिर्फ यूटिलिटी वाले प्रोडक्ट्स से हटकर डिजाइन-आधारित, आकर्षक एक्सेसरीज पर फोकस बढ़ाया है, जो युवा और अमीर यात्रियों को पसंद आ रही हैं।

पुराने ब्रांड अब अपने पोर्टफोलियो को आधुनिक बनाने के दबाव में हैं, वहीं Eume जैसी नई कंपनियां यह साबित करने की कोशिश कर रही हैं कि वे डिजिटल दुनिया से बाहर भी मुनाफा कमा सकती हैं। यह प्रीमियम लगेज सेगमेंट की लड़ाई में एक नया दौर है, जहां जीत उसी की होगी जो हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट डिजाइन को फिजिकल रिटेल की हाई ऑपरेशनल कॉस्ट के साथ बैलेंस कर पाएगा।

फिजिकल रिटेल की चुनौती

फिजिकल विस्तार से ब्रांड की पहचान और बिक्री तो बढ़ सकती है, लेकिन इसमें ऑपरेशनल जटिलताएं भी काफी बढ़ जाती हैं। डिजिटल चैनलों के विपरीत, फिजिकल स्टोर के लिए रियल एस्टेट, इंटीरियर फिट-आउट और स्थानीय स्टाफ पर भारी पूंजी खर्च करने की आवश्यकता होती है। इन स्टोर्स में मुनाफा बनाए रखना हाई फुटफॉल (ग्राहकों की आवाजाही) और कुशल इन्वेंट्री मैनेजमेंट पर निर्भर करता है, खासकर प्रीमियम मॉल्स में।

Eume की डीप डिस्काउंट के बजाय ब्रांड वैल्यू पर जोर देने की रणनीति बताती है कि वे प्राइस वॉर के बजाय कस्टमर लॉयल्टी पर दांव लगा रहे हैं। हालांकि, कंपनी को न केवल उभरते D2C प्रतिद्वंद्वियों से, बल्कि उन स्थापित पुराने दिग्गजों से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा जो अपने रिटेल शोरूम को रीफर्बिश कर रहे हैं और प्रीमियम सब-ब्रांड लॉन्च कर रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी 30 नए स्टोर की फिक्स्ड कॉस्ट को मैनेज करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है।

हितधारकों को क्या देखना चाहिए?

कंपनी के बिजनेस की प्रगति के लिए सबसे महत्वपूर्ण मॉनिटर करने वाली चीजें इन स्टोरों के खुलने का टाइमलाइन और उनके परफॉर्मेंस मेट्रिक्स हैं। यह देखा जाना चाहिए कि क्या कंपनी फिजिकल लोकेशन में अपनी प्रीमियम प्राइसिंग स्ट्रैटेजी को बनाए रख पाती है, जहां ग्राहक आमतौर पर कई विकल्पों की तुलना करते हैं।

इसके अलावा, इस ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) कैपिटल एलोकेशन पर निर्भर करेगी - खासकर, ब्रांड अपने कैश फ्लो को रिटेल विस्तार और निरंतर डिजिटल मार्केटिंग के बीच कितनी कुशलता से मैनेज करता है। नई प्रोडक्ट कैटेगरी, जैसे महिलाओं के टोट बैग और स्पेशलाइज्ड एक्सेसरीज लॉन्च करने की क्षमता भी यह तय करेगी कि ब्रांड अपनी एवरेज ऑर्डर वैल्यू बढ़ा सकता है या नहीं और स्टैंडर्ड ट्रैवल लगेज से आगे बढ़कर अपनी रेवेन्यू बेस को डाइवर्सिफाई कर सकता है या नहीं।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.