Prataap Snacks Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! घाटे से उबरकर ₹3.25 Cr का मुनाफा, ₹425 Cr के नए प्लांट का ऐलान, पर आग से लगा ₹34 Cr का झटका

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Prataap Snacks Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! घाटे से उबरकर ₹3.25 Cr का मुनाफा, ₹425 Cr के नए प्लांट का ऐलान, पर आग से लगा ₹34 Cr का झटका
Overview

Prataap Snacks Limited ने Q3 FY26 के नतीजों में कमाल कर दिया है! कंपनी ने पिछले साल के **₹37.93 करोड़** के भारी घाटे को पीछे छोड़ते हुए इस तिमाही में **₹3.25 करोड़** का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज किया है। साथ ही, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) **3.7%** बढ़कर **₹459.25 करोड़** पर पहुँच गया है।

नतीजों पर एक नज़र

Prataap Snacks Limited ने Q3 FY26 के नतीजों में बड़ा पलटवार दिखाया है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹3.25 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि (Q3 FY25) में हुए ₹37.93 करोड़ के घाटे से एक बड़ी रिकवरी है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी 3.7% की बढ़त के साथ ₹459.25 करोड़ पर पहुँच गया है। प्रति शेयर आय (EPS) में भी सुधार देखा गया, जो ₹1.36 रहा, जबकि पिछले साल यह ₹15.85 के नकारात्मक स्तर पर था।

पूरे 9 महीनों (9M FY26) के प्रदर्शन की बात करें तो, कंपनी ने ₹3.58 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल के ₹22.34 करोड़ के घाटे से काफी बेहतर है। इस अवधि में रेवेन्यू लगभग ₹1297.98 करोड़ रहा, जो पिछले साल के स्तर के आसपास ही है।

इस तिमाही के नतीजों में कुछ असाधारण मदें (Exceptional Items) भी शामिल हैं। नए लेबर कोड्स के कारण ₹2.35 करोड़ का स्टैच्यूटरी इम्पैक्ट और ₹0.77 करोड़ का एक फायर/इंश्योरेंस क्लेम का असर रहा। हालांकि, सबसे बड़ा झटका 30 दिसंबर 2024 को जम्मू स्थित प्लांट में लगी आग से लगा, जिसके कारण कंपनी को ₹34.34 करोड़ का भारी नुकसान हुआ। कंपनी फिलहाल इस घटना के लिए इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया कर रही है।

विस्तार और चुनौतियाँ

एक तरफ जहां कंपनी को आग से नुकसान उठाना पड़ा, वहीं दूसरी ओर, भविष्य की ग्रोथ को देखते हुए Prataap Snacks ने एक अहम फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने मध्य प्रदेश के इंदौर के पास एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की मंजूरी दे दी है। इस प्लांट की कैपेसिटी 60,000 MTPA तक होगी और इसके लिए लगभग ₹425 करोड़ के निवेश का अनुमान है। इस नए प्लांट से प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने, ऑटोमेशन के ज़रिए एफिशिएंसी में सुधार करने और ओवरहेड्स कम करने की उम्मीद है। इसके मार्च 2027 तक शुरू हो जाने की उम्मीद है। इस निवेश के लिए कंपनी इंटरनल एक्रुअल्स (Internal Accruals) और डेट (Debt) का सहारा लेगी।

कुल मिलाकर, निवेशकों की निगाहें अब जम्मू प्लांट के इंश्योरेंस क्लेम के सेटलमेंट, नए इंदौर प्लांट के कंस्ट्रक्शन और फाइनेंसिंग की प्रगति, और भविष्य में डिमांड ट्रेंड्स व मार्जिन पर कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर टिकी रहेंगी। Prataap Snacks के लिए क्षमता विस्तार को लगातार प्रॉफिटेबल ग्रोथ में बदलना एक बड़ी चुनौती होगी।

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