प्रभুদাস লিলিधर (Prabhudas Lilladher) ने Apeejay Surrendra Park Hotels पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹235 का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी अपने होटल और Flurys बिजनेस के विस्तार की योजना बना रही है, लेकिन हालिया तिमाही में बढ़ते ब्याज खर्चों ने मुनाफे पर असर डाला है।
प्रभুদাস লিলিधर का नया टारगेट
मार्केट एनालिस्ट फर्म प्रभুদাস লিলিधर (Prabhudas Lilladher) ने Apeejay Surrendra Park Hotels (ASPHL) पर अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें उन्होंने स्टॉक के लिए ₹235 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह रिपोर्ट कंपनी की हॉस्पिटैलिटी पोर्टफोलियो के विस्तार और उसके फ़ूड एंड बेवरेज ब्रांड, Flurys, को बढ़ाने की रणनीति के बीच आई है।
तिमाही नतीजे: बढ़ती कमाई, घटता मुनाफा
जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही के नतीजों पर नज़र डालें तो ASPHL ने ₹166.8 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.1% ज्यादा है। हालांकि, टॉप-लाइन रेवेन्यू में बढ़त के बावजूद, कंपनी का नेट प्रॉफिट 14.4% घटकर ₹11.5 करोड़ रह गया। इस गिरावट का मुख्य कारण बढ़ता हुआ इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) है, जो 60% बढ़कर ₹10.4 करोड़ हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी भले ही ज्यादा बिक्री कर रही है, लेकिन कर्ज चुकाने का खर्च उसके मुनाफे को प्रभावित कर रहा है।
विस्तार की रणनीति और चुनौतियां
कंपनी की रणनीति दो मुख्य स्तंभों पर टिकी है: होटल बिजनेस और Flurys कैफे चेन। ASPHL उत्तर भारत में अपने कारोबार का विस्तार कर रही है, खासकर गुरुग्राम जैसे इलाकों में नए कैफे खोल रही है। साथ ही, कंपनी नए होटलों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए रणनीतिक अधिग्रहण (Acquisitions) पर भी काम कर रही है। इन पहलों से भविष्य की मांग को भुनाने की उम्मीद है, लेकिन इनमें बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) की भी जरूरत है, जो हालिया नतीजों में बढ़े हुए डेट-संबंधित खर्चों की वजह समझाता है।
आगे की राह
भविष्य में, कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने वित्तीय दायित्वों को कैसे प्रबंधित करती है और साथ ही अपने ऑपरेशंस को कैसे बढ़ाती है। बढ़ता हुआ इंटरेस्ट एक्सपेंस (Interest Expense) एक अहम पहलू है जिस पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे बॉटम लाइन पर असर डालता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या नए होटल अधिग्रहणों और Flurys आउटलेट्स से होने वाली रेवेन्यू ग्रोथ आने वाली तिमाहियों में इन फाइनेंसिंग लागतों की भरपाई कर पाती है या नहीं।
जोखिम (Risks)
कंपनी के लिए जोखिमों में उसके डेवलपमेंट पाइपलाइन के एग्जीक्यूशन में देरी और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का आर्थिक मंदी के प्रति संवेदनशील होना शामिल है। इसके अलावा, ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Cost) या टैक्स रेट्स में कोई भी अतिरिक्त वृद्धि नेट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। आने वाली कुछ तिमाही रिपोर्टें निवेशकों के लिए यह जानने में महत्वपूर्ण होंगी कि क्या कंपनी अपने इंटरेस्ट के बोझ को स्थिर कर सकती है और अपने विस्तार के प्रयासों को मुनाफे में बदल सकती है।
