Pidilite Q2 Results: रेवेन्यू में भारी उछाल के बावजूद मुनाफा सुस्त, शेयर **4%** लुढ़का

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Pidilite Q2 Results: रेवेन्यू में भारी उछाल के बावजूद मुनाफा सुस्त, शेयर **4%** लुढ़का

Pidilite Industries ने सितंबर तिमाही में शानदार बिक्री दर्ज की है, लेकिन खर्चों में **29%** के भारी इजाफे के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट महज **7.16%** बढ़कर **₹626.46 करोड़** रहा। नतीजों के बाद मार्केट का सेंटीमेंट बिगड़ा और शेयर **4.13%** टूट गया।

मार्जिन पर बढ़ते खर्चों का असर\n\nकंपनी की बिक्री और मुनाफे के बीच यह बड़ा अंतर खर्चों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी की वजह से है। सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 29% बढ़कर ₹3,632.87 करोड़ पर पहुंच गया। जब ऑपरेशनल खर्च बिक्री की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर मार्जिन पर पड़ता है। कंपनी का EBITDA भी केवल 3.1% की मामूली बढ़त ही दिखा पाया है। मैनेजमेंट के अनुसार, कच्चे माल की महंगाई और मार्केट में चल रही अस्थिरता इसके पीछे की मुख्य वजहें हैं।\n\n### सेगमेंट के हिसाब से प्रदर्शन\n\nकंपनी के बिजनेस के तीनों प्रमुख मोर्चों पर ग्रोथ देखी गई है। 'कंज्यूमर और बाजार' सेगमेंट, जो फेविकोल जैसे ब्रांडों को संभालता है, का रेवेन्यू 20.7% बढ़कर ₹3,423.57 करोड़ रहा। वहीं, बी2बी (B2B) सेगमेंट में 19.87% की ग्रोथ देखी गई और यह ₹912.59 करोड़ तक पहुंच गया। 'अदर्स' कैटेगरी ने तो कमाल करते हुए 79.5% की बड़ी छलांग लगाई और ₹25.37 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया।\n\n### निवेशकों की चिंता और आगे की राह\n\nइन नतीजों के बाद निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया और शेयर BSE पर 4.13% गिरकर ₹1,392 पर बंद हुआ। बाजार अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में बढ़ती इनपुट कॉस्ट को कंट्रोल कर पाएगी या नहीं। चूंकि Pidilite का मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस काफी हद तक वैश्विक रसायनों की कीमतों पर निर्भर है, इसलिए कच्चे माल की महंगाई कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी। अब निवेशकों को मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति का बेसब्री से इंतजार है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.