Pidilite Industries ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में दमदार प्रदर्शन के बावजूद अपनी 20-24% EBITDA मार्जिन गाइडेंस को बरकरार रखा है। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता के चलते वे लचीला रुख अपना रहे हैं। कंपनी ने 11.3% वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है।
Pidilite का पहली तिमाही का प्रदर्शन:
Pidilite Industries ने जून तिमाही (Q1 FY27) में ₹4,551 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 21.3% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 30.3% बढ़कर ₹884 करोड़ हो गया। इस दौरान EBITDA मार्जिन 26.2% रहा।
मार्जिन गाइडेंस पर कायम रहने की वजह:
कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि इनपुट कॉस्ट, खासकर Vinyl Acetate Monomer (VAM) और क्रूड ऑयल जैसी चीजों की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस वजह से, वे अपनी मार्जिन गाइडेंस को 20-24% के बीच ही रख रहे हैं ताकि ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहे। कंपनी 'रिप्लेसमेंट-मार्जिन' यानी इनपुट कॉस्ट के हिसाब से प्रोडक्ट की कीमतों को एडजस्ट करने की रणनीति अपना रही है।
वॉल्यूम ग्रोथ और डिमांड:
तिमाही के दौरान वॉल्यूम में 11.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसे कंपनी आगे भी डबल-डिजिट में बनाए रखने की कोशिश करेगी। कंज्यूमर और बाजार (Bazaar) सेगमेंट में डिमांड मजबूत बनी हुई है, जिससे महंगाई का असर कुछ हद तक कम हुआ है। कीमतों में बढ़ोतरी की बात करें तो कंपनी ने विभिन्न प्रोडक्ट कैटेगरी में 2% से 12% तक दाम बढ़ाए हैं।
आगे की रणनीति:
कंपनी अपने पेंट सेगमेंट की रणनीति को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। साथ ही, VAM प्रोडक्शन के बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर भी गौर किया जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी लोकल ज्वाइंट वेंचर (JV) या स्थानीय एथिलीन उपलब्धता के आधार पर कोई ठोस बिजनेस केस नहीं बन पाया है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए:
आने वाली तिमाहियों में कंपनी की डबल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता पर नजर रहेगी। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकता है।
