Pidilite Industries के शेयरों में आज **2.16%** की तेजी देखी गई, जो **₹1,604.80** के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। यह उछाल कंपनी द्वारा FY26 के लिए **11.12%** रेवेन्यू ग्रोथ और **17.80%** का मुनाफा बढ़ने के ऐलान के बाद आया है। हालांकि, तिमाही नतीजों में मुनाफे में हल्की गिरावट दिखी है, जिससे निवेशक सालाना प्रदर्शन और पिछली तिमाही के मार्जिन पर बारीकी से नजर रखेंगे।
Detailed Coverage
Pidilite Industries का दमदार सालाना प्रदर्शन
Pidilite Industries के शेयर सोमवार को 2.16% चढ़कर ₹1,604.80 पर पहुंच गए। यह तेजी कंपनी द्वारा मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजे जारी करने के बाद आई है। इस अवधि में कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की है, भले ही हालिया तिमाही में थोड़ी नरमी दिखी हो।
वित्तीय सेहत और सालाना नतीजे
मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में Pidilite का रेवेन्यू 11.12% बढ़कर ₹14,600.83 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 17.80% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹2,473.09 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की बैलेंस शीट की एक खास बात यह है कि उस पर कर्ज बहुत कम है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.01 है। इससे कंपनी को फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है। साल के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹24.07 रही।
पिछली तिमाही के रुझान
हालांकि सालाना आंकड़े ग्रोथ दिखा रहे हैं, लेकिन मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे थोड़ी धीमी रफ्तार का संकेत देते हैं। मार्च तिमाही का रेवेन्यू ₹3,583.38 करोड़ रहा, जो कि दिसंबर 2025 की तिमाही के ₹3,709.91 करोड़ से कम है। नेट प्रॉफिट में भी यही रुझान दिखा, जो पिछली तिमाही के ₹624.07 करोड़ से घटकर ₹586.17 करोड़ रह गया। इस गिरावट को देखकर निवेशक आने वाली तिमाहियों पर नजर रखेंगे कि कहीं यह सिर्फ एक मौसमी असर है या प्रॉफिट मार्जिन पर कोई व्यापक दबाव।
वैल्यूएशन और कैपिटल एलोकेशन
मार्च 2026 तक, स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 53.39 और प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो 12.08 है। ये वैल्यूएशन बताते हैं कि बाजार कंपनी से लगातार ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। कंपनी ने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने पर भी ध्यान दिया है। हाल ही में ₹11.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) घोषित किया गया है। इससे पहले अगस्त 2025 में ₹10.00 का स्पेशल डिविडेंड और सितंबर 2025 में 1:1 का बोनस इश्यू भी दिया गया था।
निवेशकों के लिए आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाएगी, खासकर कच्चे माल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव के बीच। एडहेसिव और स्पेशलिटी केमिकल्स सेक्टर में कमोडिटी की कीमतें वैश्विक स्तर पर संवेदनशील होती हैं। इसके अलावा, बाजार प्रतिभागी अगली तिमाही के नतीजों पर भी बारीकी से नजर रखेंगे ताकि यह पता चल सके कि हालिया रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई गिरावट थमती है या बिजनेस एक मध्यम ग्रोथ के दौर से गुजरता है।
