स्पिरिट्स की धूम, कमाई रिकॉर्ड पर
कंपनी के नतीजों के मुताबिक, FY26 में कुल रेवेन्यू ₹1,143 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹893 करोड़ था। इस उछाल में कंपनी के अल्कोहलिक बेवरेज (Alcoholic Beverage) कारोबार का बड़ा हाथ रहा, जिसने ₹908 करोड़ का योगदान दिया, जो पिछले साल से 42.1% ज़्यादा है।
प्रीमियम ब्रांड्स की दमदार मांग
Piccadily Agro की ग्रोथ के पीछे 'Indri single malt', 'Camikara Rum', 'Cashmir Vodka' और 'Whistler Blended Whisky' जैसे प्रीमियम ब्रांड्स की बढ़ती मांग है। इसी स्ट्रैटेजी की बदौलत कंपनी प्रीमियम अल्को-बेवरेज मार्केट में एक तेजी से उभरने वाले प्लेयर के रूप में स्थापित हुई है। FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में तो रेवेन्यू साल-दर-साल 67% बढ़कर ₹250 करोड़ पर पहुंच गया।
शुगर डिवीजन का डीमर्जर तय
कंपनी अपनी संरचना को और मजबूत बनाने के लिए शुगर डिवीजन का डीमर्जर (Demerger) करने की योजना बना रही है। इस स्कीम के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास आवेदन कर दिया गया है। उम्मीद है कि FY27 के अंत तक यह डीमर्जर पूरा हो जाएगा, जिसके बाद Piccadily Agro एक प्योर-प्ले अल्को-बेवरेज कंपनी के तौर पर काम करेगी।
सीएफओ को आगे की राह उज्ज्वल दिखी
कंपनी के सीएफओ (CFO) नटवर अग्रवाल ने कहा, "हमारा FY26 का प्रदर्शन एक मील का पत्थर है, क्योंकि हमने ₹1,100 करोड़ के रेवेन्यू का आंकड़ा पार किया है। यह हमारे प्रीमियम स्पिरिट्स की घरेलू और वैश्विक मांग का नतीजा है।" उन्होंने IMFL सेगमेंट में 62.6% की Q4 ग्रोथ को अपनी प्रीमियम स्ट्रैटेजी की सफलता का प्रमाण बताया। सीएफओ ने यह भी बताया कि मई 2026 से छत्तीसगढ़ फैसिलिटी के मोनेटाइजेशन (Monetization) से कंपनी को और बूस्ट मिलेगा।
