Philip Morris International ने तीसरी तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए **$11.4 बिलियन** का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने अपने डिविडेंड में **8.8%** की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जबकि स्मोक-फ्री उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
मुनाफे में दम, स्मोक-फ्री उत्पादों का बोलबाला
Philip Morris International (PMI) ने तीसरी तिमाही के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का नेट रेवेन्यू साल-दर-साल 5.5% बढ़कर $11.4 बिलियन हो गया है। कंपनी का पूरा ध्यान अब पारंपरिक तंबाकू से हटकर स्मोक-फ्री विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहा है, जो इसकी लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। इस तिमाही में कुल शिपमेंट वॉल्यूम में 0.6% की बढ़त दर्ज की गई है।
स्मोक-फ्री सेगमेंट में कंपनी ने कमाल दिखाया है। इस कैटेगरी की शिपमेंट में 2.7% का उछाल आया है और मौजूदा साल में यह कंपनी की कुल कमाई का 42% हिस्सा बन चुका है। यह बदलाव निवेशकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी धीरे-धीरे पारंपरिक सिगरेट पर निर्भरता कम कर रही है।
मार्जिन और डिविडेंड का गणित
कंपनी के मुनाफे के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रॉस प्रॉफिट में 6.7% की बढ़ोतरी हुई है, जिसकी मुख्य वजह कीमतों में वृद्धि रही। कंपनी का ऑपरेटिंग इनकम 14.1% बढ़कर सामने आया है, जो बताता है कि महंगाई के दौर में भी कंपनी कॉस्ट मैनेजमेंट में सफल रही है। कंपनी का एडजस्टेड डाइल्यूटेड EPS $2.36 रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.4% ज्यादा है।
शेयरधारकों को खुश करने के लिए कंपनी ने रेगुलर तिमाही डिविडेंड में 8.8% की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद अब डिविडेंड $1.60 प्रति शेयर हो गया है। इसका मतलब है कि सालाना डिविडेंड $6.40 प्रति शेयर होगा।
जोखिम और भविष्य की चुनौतियां
तंबाकू सेक्टर में निवेश के साथ रेगुलेटरी रिस्क हमेशा रहता है। दुनिया भर में बदलती स्वास्थ्य नीतियां और टैक्स स्ट्रक्चर सीधे तौर पर बिक्री पर असर डाल सकते हैं। हालांकि कंपनी ने स्मोक-फ्री पोर्टफोलियो को मजबूती दी है, लेकिन कई बाजारों में इसे अभी भी कड़े नियमों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी अपने मार्जिन को बरकरार रख पाती है और नई मार्केट्स में अपने स्मोक-फ्री प्रोडक्ट्स को कितनी तेजी से फैलाती है।
