Pernod Ricard: भारत में अपना IPO लाने की तैयारी में दिग्गज कंपनी, ग्लोबल सुस्ती के बीच देश में चमक रही है ग्रोथ

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AuthorAditya Rao|Published at:
Pernod Ricard: भारत में अपना IPO लाने की तैयारी में दिग्गज कंपनी, ग्लोबल सुस्ती के बीच देश में चमक रही है ग्रोथ

ग्लोबल मार्केट में सुस्ती का सामना कर रही शराब बनाने वाली दिग्गज कंपनी Pernod Ricard अब भारत में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है। फाइनेंशियल ईयर **2026** में कंपनी की ग्लोबल सेल्स **3.9%** गिरी है, लेकिन भारत में इसने **7%** की शानदार ग्रोथ दर्ज की है।

दुनिया की प्रमुख स्पिरिट निर्माता कंपनी Pernod Ricard अपने भारतीय कारोबार के लिए एक इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह रणनीतिक फैसला कंपनी के ग्लोबल ऑपरेशंस में आ रही चुनौतियों को देखते हुए लिया गया है। भारत कंपनी के लिए दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है और बोर्ड फिलहाल इस लिस्टिंग के लिए कानूनी प्रक्रियाओं की जांच कर रहा है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

भारत बनाम दुनिया: सेल्स में बड़ा अंतर

30 जून, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे एक अलग ही तस्वीर पेश करते हैं। जहां ग्लोबल लेवल पर कंपनी की ऑर्गेनिक सेल्स में 3.9% की गिरावट आई, वहीं भारतीय ऑपरेशंस में 7% का जोरदार उछाल देखने को मिला। अगर Tilaknagar Industries को Imperial Blue ब्रांड बेचने के प्रभाव को हटा दें, तो भारत में यह ग्रोथ 9% तक पहुंच जाती है। कंपनी के रॉयल स्टैग (Royal Stag) और ब्लेंडर्स प्राइड (Blenders Pride) जैसे ब्रांड्स ने अमेरिका (14% गिरावट) और चीन (19% गिरावट) की तुलना में यहां बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

कर्ज घटाने का लक्ष्य (Debt Management)

निवेशकों के लिए यह IPO महज भारत की प्रीमियम मार्केट का हिस्सा बनने का जरिया नहीं है, बल्कि यह कंपनी के बैलेंस शीट के लिए भी महत्वपूर्ण है। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो अभी 3.7x है, जिसे मैनेजमेंट 2029 तक 3x के नीचे लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। भारत में लिस्टिंग से मिलने वाली पूंजी इस कर्ज को कम करने में काफी मददगार साबित हो सकती है।

मार्केट का रिएक्शन और चुनौतियां

27 अगस्त, 2026 को नतीजों के ऐलान के बाद पेरिस स्टॉक एक्सचेंज पर Pernod Ricard के शेयरों में 5.8% की गिरावट आई। निवेशक अमेरिका और चीन में लगातार कमजोर होती डिमांड और बढ़ती कॉस्ट इन्फ्लेशन को लेकर चिंतित हैं। भविष्य में भारत में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, रेगुलेटरी माहौल और इंडिया-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जैसे बड़े कारक कंपनी की ग्रोथ की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.