ग्लोबल स्पिरिट्स दिग्गज Pernod Ricard का मुनाफा साल-दर-साल आधार पर **26%** गिरकर **1.2 अरब यूरो** पर आ गया है। अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजारों में मांग कमजोर रहने का सीधा असर कंपनी की कमाई पर दिखा है, हालांकि भारत में कंपनी ने **7%** की शानदार ग्रोथ दर्ज की है।
दुनिया की प्रमुख शराब निर्माता कंपनी, जो Absolut और Beefeater जैसे ब्रांड्स की ओनर है, उसने 30 जून 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कमजोर आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का टोटल रेवेन्यू भी 14.2% गिरकर 9.4 अरब यूरो रह गया है।
अमेरिका और चीन में आई बड़ी गिरावट
कंपनी के नतीजों पर सबसे ज्यादा बुरा असर उसके दो सबसे बड़े बाजारों का पड़ा। अमेरिका में सेल्स 14% गिर गई है, क्योंकि वहां रिटेल डिमांड में कमी के चलते डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अपने स्टॉक लेवल को कम कर दिया है। चीन का हाल और भी खराब है, जहां बिक्री 19% नीचे लुढ़क गई है। वहां कंज्यूमर सेंटीमेंट कमजोर होने के साथ-साथ कॉन्यैक (cognac) पर लगाए गए नए एंटी-डंपिंग शुल्कों ने Martell ब्रांड के बिजनेस को बुरी तरह प्रभावित किया है।
भारत बना ग्रोथ का नया इंजन
दुनिया भर में जारी सुस्ती के बीच भारत ने कंपनी के लिए राहत का काम किया है। यहाँ कंपनी ने 7% की ऑर्गेनिक सेल्स ग्रोथ दिखाई है, जिसकी मुख्य वजह प्रीमियम शराब की बढ़ती डिमांड है। भारत में Royal Stag ब्रांड का जलवा बरकरार है, जो वॉल्यूम के मामले में दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला व्हिस्की ब्रांड बना हुआ है।
आगे क्या है रणनीति?
मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए सेल्स को स्थिर रहने का अनुमान जताया है, लेकिन मिड-टर्म ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर 3% से 6% के निचले स्तर पर फिक्स कर दिया है। निवेशकों को अब अमेरिकी डॉलर, टर्किश लीरा और भारतीय रुपये में होने वाली करेंसी उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी, क्योंकि यह विदेशी कमाई की वैल्यू को सीधे प्रभावित करता है। इसके अलावा, ग्लोबल ट्रेड टेंशन और मार्जिन पर पड़ता दबाव आने वाली तिमाहियों में बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।
