Rajasthan के Bhilwara में Pernod Ricard के एक वेयरहाउस से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। स्थानीय अधिकारियों का आरोप है कि यहाँ सस्ती, लोकल शराब की बोतलों पर प्रीमियम Ballantine's Whisky के लेबल लगाए जा रहे थे। यह कथित गोरखधंधा एक गुमनाम टिप-ऑफ (Anonymous Tip-off) के बाद हुई रेड के दौरान सामने आया। इस मामले में एक कर्मचारी को गिरफ्तार भी किया गया था, जिसे बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया।
Pernod Ricard का जवाब
Pernod Ricard ने इस घटना को स्वीकार किया है और कहा है कि यह उनके मार्केटिंग वेयरहाउस में हुई। फ्रांसीसी कंपनी ने कहा है कि वे इस बात का पता लगाने के लिए आंतरिक जांच कर रहे हैं कि ये गलत लेबल वाली बोतलें वेयरहाउस में कैसे पहुंचीं। कंपनी ने संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करने का वादा किया है और भरोसा जताया है कि मामला स्पष्ट हो जाएगा।
भारत में रेगुलेटरी चुनौतियाँ
यह ताजा रेड India में Pernod Ricard के लिए मौजूदा चुनौतियों को और बढ़ाती है। Chivas Regal और Absolut Vodka जैसी शराब बनाने वाली यह कंपनी पहले से ही एंटीट्रस्ट केस (Antitrust Cases) और दिल्ली के शराब नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़े अन्य आरोपों का सामना कर रही है, जिन्हें कंपनी खारिज करती है। 2024 में, रॉयटर्स (Reuters) की एक रिपोर्ट के अनुसार, Pernod Ricard ने Rajasthan में अपने डिस्काउंट फंड के कथित दुरुपयोग की आंतरिक जांच के बाद कम से कम छह मिड-लेवल कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। हालिया रेड के दौरान बड़ी संख्या में Ballantine's के लूज लेबल भी जब्त किए गए हैं। जांच अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि कंपनियां कर्मचारियों को अलग से लेबल जारी नहीं करती हैं। Rajasthan के अधिकारी अपनी ongoing जांच में मदद के लिए Pernod Ricard से और विस्तृत जानकारी मांगने की योजना बना रहे हैं।