Pernod Ricard SA को फिलहाल वैश्विक स्तर पर कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी की पहली तिमाही (Q1 FY26) में सेल्स में 7.6% की गिरावट दर्ज की गई है, खासकर चीन और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में। इसके चलते कंपनी के शेयर की वैल्यूएशन (Valuation) भी गिरकर लगभग 13-15x P/E (Price-to-Earnings) के आसपास आ गई है, जो इसके ऐतिहासिक औसत से काफी कम है। ऐसे में, भारत का तेजी से बढ़ता मार्केट Pernod Ricard के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है।
भारत में है बड़ा मौका
भारतीय बाजार में Pernod Ricard India ने दमदारी दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में, यह भारत की सबसे बड़ी शराब निर्माता कंपनी बनकर उभरी है, जिसने ₹27,445.80 करोड़ (लगभग $305 मिलियन) की कंसोलिडेटेड बिक्री दर्ज की। यह नंबर Diageo India के ₹27,276 करोड़ के रेवेन्यू से थोड़ा आगे है। सबसे खास बात यह है कि भारत में, खासकर प्रीमियम सेगमेंट में, शराब कंपनियों को ग्लोबल कंपनियों के मुकाबले कहीं ज़्यादा वैल्यूएशन मिल रहा है। उदाहरण के लिए, Diageo की भारतीय इकाई United Spirits Ltd. का P/E 60x से भी ऊपर है, जबकि पेरेंट कंपनी Diageo Plc का P/E सिर्फ 23-24x है। Pernod Ricard SA का P/E भी 13-15x के आसपास है। इस भारी अंतर से यह साफ है कि भारतीय इकाई का अलग IPO लाने से शेयरधारकों के लिए बड़ी वैल्यू अनलॉक हो सकती है।
भारतीय बाज़ार का ज़ोरदार ग्रोथ
भारतीय शराब बाजार एक बड़ा ग्रोथ इंजन है। अनुमान है कि 2026 तक यह बाज़ार $39.7 बिलियन तक पहुँच जाएगा, जिसकी सालाना ग्रोथ रेट 7.9% रहने की उम्मीद है। इसके पीछे बड़ी वजह देश की मज़बूत आर्थिक ग्रोथ (FY26 के लिए 7.4% अनुमानित), बढ़ती मिडिल क्लास और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग है। लोग अब अच्छी क्वालिटी और खास अनुभव वाले ड्रिंक्स पसंद कर रहे हैं। Pernod Ricard India ने भी इस ट्रेंड का फायदा उठाया है। इसके ब्रांड्स, जैसे Jameson Irish Whiskey, लगातार डबल-डिजिट ग्रोथ दिखा रहे हैं। कंपनी की ज़्यादातर बिक्री भारत से ही आती है।
जोखिम और आगे की राह
हालांकि, इस IPO में कुछ जोखिम भी हैं। Pernod Ricard SA के लिए वैश्विक चुनौतियाँ अभी बनी हुई हैं। साथ ही, प्रीमियम सेगमेंट की ग्रोथ इकोनॉमिक मंदी से प्रभावित हो सकती है। Competitors भी काफी मज़बूत हैं। कंपनी को अपनी IPO स्ट्रैटेजी को सही ढंग से लागू करना होगा। अगर Pernod Ricard India IPO के साथ आगे बढ़ता है, तो यह कंपनी की एक बड़ी स्ट्रेटेजिक चाल होगी। इससे भारतीय बाजार के ग्रोथ पोटेंशियल और निवेशकों के रुझान का पूरा फायदा उठाया जा सकेगा। सफल IPO से ग्रुप की वैल्यूएशन में भी सुधार आ सकता है।